Home Experts Advice Norovirus Symptoms in Hindi: अब तेजी से बढ़ रहा नोरोवायरस का खतरा

Norovirus Symptoms in Hindi: अब तेजी से बढ़ रहा नोरोवायरस का खतरा

कोरोना वायरस की तरह अब नोरोवायरस नाम की बीमारी तेजी से फैल रही है. इसके लक्षण भी कोरोना वायरस से मिलते हैं. (Norovirus Symptoms in Hindi)

दुनिया अभी कोरोनावायरस के खौफ से उबर नहीं पाई है उससे पहले इंग्लैंड में नोरोवायरस (Norovirus Symptoms in Hindi) ने पांव पसारना शुरू कर दिया है. यह वायरस भी कोरोनावायरस की ही तरह खतरनाक बताया जा रहा है. हालांकि इस वायरस के मामले पहले भी देखे गए हैं लेकिन कोरोना महामारी के बीच इसकी दोबारा दस्तक ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को परेशान कर रखा है. वैज्ञानिकों के मुताबिक यह वायरस गर्मी के साथ-साथ ठंडे तापमान में खुद को जीवत रखता है, यहां तक कि कपड़ों को डिटर्जेंट से धोने के बावजूद भी यह खत्म नहीं होता.

Norovirus Symptoms in Hindi

चलिए नोरोवायरस बीमारी के बारे में यहां विस्तार से जानते हैंNorovirus Symptoms in Hindi

कोरोना की ही तरह फैलता है नोरोवायरस

विशेषज्ञ के अनुसार यह वायरस (Norovirus Symptoms in Hindi) नॉरवॉक वायरस ‘पैथोजन’ है. इसे स्टमक फ्लू कहते हैं जबकि डॉक्टरी भाषा में इसे गैस्ट्रोएंट्राइटिस कहा जाता है. यूके में यह बीमारी बहुत सामान्य है और इससे डेथ रेट भी काफी ज्यादा होता है. जानलेवा नोरोवायरस भी काफी हद तक कोरोनावायस से मिलती-जुलती बीमारी ही है. इसका न तो वैक्सीन है और न ही दवा. इसलिए चिकित्सक बीमारी के लक्षणों को देखते हुए मरीज का उपचार करते हैं. यह वायरस ज्यादा ठंड से लेकर गर्मी में जीवित रहता है. यह पानी और  खाने-पीने की चीजों से फैलता है, इसलिए इससे बचाव के लिए एकमात्र उपाय सुरक्षा ही है.

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ठंड और गर्मी दोनों तापमान में रहता है जीवित

विदेशों में इस बीमारी से काफी लोगों की मौत हुई है. नोरोवायरस बहुत जिद्दी किस्म का है और यह एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से फैलता है. यह वायरस खुद को ठंडे तापमान के साथ गर्म तापमान में जीवित रख सकता है और उसके बाद अगर कोई व्यक्ति उसके संपर्क में आए तो उसे भी नोरोवायरस की बीमारी हो सकती है. माना जा रहा है कि 145 डिग्री के तापमान पर खाना पकाया जाए फिर भी यह वायरस नहीं मरता. फलों व सब्जियों का कच्चा सेवन करने पर यह वायरस एक से दूसरे में आसानी से फैल सकता है.

बीमारी का कारण और बचाव

  • यदि किसी व्यक्ति को नोरोवायरस है तो उस व्यक्ति के साथ में रहने से या उसके आसपास रहने कारण भी यह बीमारी फैल सकती है.
  • इसका संक्रमण खाने-पीने की चीजों से भी फैल सकता है.
  • अगर नोरोवायरस से संक्रमित व्यक्ति ने कहीं छींका और उसमें मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स फ्लोर पर गिर गए, फिर उसी जगह पर किसी दूसरे व्यक्ति ने हाथ रखकर अगर अपने मुंह या चेहरे को छू लिया तो फिर यह बीमारी फैल सकती है.
  • यह बीमारी एक ही इंसान को दोबारा हो सकती है.

नोरोवायरस के लक्षणNorovirus Symptoms in Hindi

  1. बुखार आना
  2. जी मचलाना
  3. सिर दर्द
  4. पूरे शरीर में दर्द
  5. पेट दर्द
  6. उल्टी
  7. डायरिया

अगर इस बीमारी का इलाज (Norovirus Symptoms in Hindi) शुरुआत में नहीं किया गया तो मरीज के शरीर में पानी की कमी हो सकती है. मरीज की अंतड़ियों में सूजन और डिहाईड्रेशन की समस्या भी हो सकती है. जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है,  जैसे बच्चे, बुजुर्ग और वैसे व्यस्क व्यक्ति जो किसी बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें यह बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है.

छोटे बच्चों में अगर यह बीमारी हो गई तो उनमें डिहाईड्रेशन के लक्षण दिखेंगे. सामान्य बच्चे के रोने पर उसकी आंखों से आंसू निकलते हैं लेकिन इस बीमारी से ग्रसित कोई बच्चा अगर बीमार पड़ा तो उसकी आंख से पानी कम निकलेगा या फिर निकलेगा ही नहीं.

ऐसे करें बचाव

  • अपनी आदतों में सुधार लाकर आप खुद के साथ दूसरों को भी इस बीमारी से बचा सकते हैं.
  • हाथों को हमेशा साबुन से धोते रहें.
  • कुछ भी खाने के पहले या फिर अपने चेहरे और मुंह को छूने के पहले हाथों को अच्छे सैनेटाइज करे.
  • खाना बनाने से पहले और खाने के पहले हाथों को अच्छी तरह से धोएं.
  • मास्क का प्रयोग करें.
  • टायलेट के बाद या फिर बच्चों के डायपर बदलने से पहले हाथों को अच्छी तरह से ध लें.

खाना बनाते वक्त सावधानी बरतें

  • इससे संक्रमित व्यक्ति को किचन में नहीं जाना चाहिए और न ही खाना बनाना चाहिए.
  • खाना बनाने के पहले फल व सब्जियों को धो लें.
  • घर-ऑफिस और प्राइवेट प्लेस की सफाई का ध्यान रखें.
  • बीमार व्यक्ति अगर घर, ऑफिस या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर उल्टी कर दे तो उस जगह को तुरंत साफ करना जरूरी है. फ्लोर की सफाई क लिए क्लोरीन ब्लीच सॉल्यूशन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. क्योंकि यह वायरस आसानी से नष्ट नहीं होता है.

क्या नोरोवायरस का इलाज है?

नोरोवायरस के मरीजों का इलाज करने के लिए अब तक कोई दवा नहीं है. बीमारी होने से मरीज के शरीर में पानी की कमी यानि डिहाईड्रेशन हो जाता है. शरीर में कमजोरी न आए इसके लिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए साथ ही बीमारी को नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है. कई मामलों में शरीर में पानी की कमी होने पर मरीज को पानी तक चढ़ाना पड़ता है.

बचाव ही है सुरक्षा

बीमारी नई होने के कारण न तो इसकी दवा है और न ही बचाव है. जितना संभव हो इससे बचाव के लिए नियमित रूप से हाथ धोते रहें ताकि कोरोनावायरस की ही तरह इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सके. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क पहनें, हाथों को समय-समय पर सैनेटाइजर से धोते रहें. शरीर में अगर इस बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो उसे नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टरी सलाह लें. बीमारी में उल्टी व डायरिया प्रारंभिक लक्षणों में से एक हैं ऐसे में जितना संभव हो ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.

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