Home Education लियो क्लब: जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित करने की ओर एक जरूरी कदम!

लियो क्लब: जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित करने की ओर एक जरूरी कदम!

जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए तत्पर लायंस क्लब ऑफ नार्थ कलकत्ता की यूथ विंग लियो क्लब ऑफ कलकत्ता डाउन टाउन ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष पहल की है. School Education in India

हर व्यक्ति अपने बच्चे को सफलता की ओर बढ़ते हुए देखना चाहता है और सफलता की सीढ़ी उचित शिक्षा ही है. किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास विकसित करने व व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका होती है. खासकर स्कूली शिक्षा (School Education in India) का हर किसी के जीवन में अत्यधिक महत्व होता है.

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क्योंकि बच्चों की नींव यहीं से पड़ती है. शिक्षा ही वह आधार है जिस पर सुव्यवस्थित समाज का गठन होता है. लेकिन बढ़ती महंगाई की वजह से बहुत सारे बच्चे ऐसे हैं जिनके लिए शिक्षा ग्रहण (School Education in India) कर पाना मुश्किल है. इसकी एक अहम वहन होती है परिवार की आर्थिक स्थिति.

लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के किसी बच्चे को उसकी पढ़ाई के लिए सहायता मिल जाए तो यह कार्य सराहनीय है. विभिन्न सामाजिक संस्थाएं इस तरह के कार्य करती भी करती है. जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा देने से बड़ा और कोई काम नहीं है.

तीन बच्चों के 1 वर्ष का फीस वहन कर रहा क्लब –

जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए तत्पर लायंस क्लब ऑफ नार्थ कलकत्ता की यूथ विंग लियो क्लब ऑफ कलकत्ता डाउन टाउन ने इस क्षेत्र में पहल की है. क्लब की तरफ से की गई इस विशेष पहल ‘कोशिश’ के तहत हावड़ा के लिलुआ स्थित होप हॉल (इंग्लिश मीडियम) स्कूल में पढ़ने वाले 3 विद्यार्थियों के 1 वर्ष का स्कूल फीस वहन (School Education in India) किया जा रहा है.

इन तीनों छात्रों में दो कक्षा 2 व एक कक्षा 7वीं का है. उनके नाम आदित्य राउत, आदित्य गुप्ता व आयुष झा है. फीस स्पांसर करने के लिए हाल ही में स्कूल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस मौके पर क्लब के अध्यक्ष अनिकेत केशरी, लायन सुनील रिबियावाला, लायन पवन अग्रवाल, लियो निखिल कंदोई, लियो सोनू चौरसिया, लियो साहिबा दूबे, लियो मयंक सराओगी भी उपस्थित थे.

कक्षा 7वीं के छात्र आयुष झा के पिता ने लियो क्लब द्वारा की गई पहल की सराहना की है. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के लिए इस तरह का कदम सराहनीय (School Education in India) है. वे स्वयं जूट मिल में नौकरी करते हैं. आयुष के सिवा उनकी एक बेटी भी है.

बेटी की दसवीं तक पढ़ाई में सहायता की आस –

अगर इनकी मासिक आमदनी देखी जाए तो इनके लिए दो बच्चों को उचित शिक्षा देना मुश्किल है. इनका कहना है कि आयुष पढ़ाई में बहुत बढ़ियां है और अगर उसकी दसवीं तक की पढ़ाई के लिए इस तरह की सहायता मिल जाती तो बेहतर होता.

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कक्षा 2 के आदित्य गुप्ता की मां शीला गुप्ता भी क्लब द्वारा दी गई सहायता की सराहना करती हैं. उन्होंने भी कहा कि क्लब ने जो कार्य किया है वो काबिले तारीफ है. आदित्य भी दो भाई हैं और यह परिवार भी आर्थिक रूप से कमजोर है. इसलिए इन्हें भी दोनों बच्चों की पढ़ाई में असुविधा का सामना करना पड़ता है.

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इनका भी कहना है कि भविष्य में भी अगर आदित्य की पढ़ाई में इस तरह की सहायता मिल पाती तो उनके लिए बढ़िया रहता. वहीं आदित्य राउत जो कक्षा 2 के छात्र हैं और वह भी पढ़ाई में बढ़ियां हैं. आदित्य की मां कहती हैं कि परिवार का भरन-पोषण करने की जिम्मेवारी उन्हीं के उपर है. क्योंकि आदित्य के पिता नहीं हैं.

इसलिए परिवार चलाने के लिए उन्हें काम करना होता है और वह होप हॉल स्कूल में ही काम करती हैं. लियो क्लब की तरफ से आदित्य की शिक्षा में मिली सहायता से वह बेहत खुश हैं.

अनोखी पहल है शैक्षणिक सहायता –

ऐसे बहुत सारे होनहार बच्चे हैं लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से उनकी पढ़ाई (Educational Help) पूरी नहीं हो पाती. स्वयं सेवी संगठनों की तरफ से की जा रही इस तरह की पहल इन बच्चों के लिए वरदान साबित होता है.

लियो क्लब के अध्यक्ष अनिकेत केशरी ने बताया कि लियो क्लब विभन्न तरह के सोशल वर्क करती है. क्लब समय-समय पर जरूरतमंद बच्चों में भोजन, कंबल व पढ़ाई की सामग्री समेत जरूरत की अन्य सामग्रियां भी वितरित करती है. आने वाले दिनों में भी क्लब की तरफ से इस तरह का कार्य जारी रहेगा.#LeoClub

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