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Pariksha Pe Charcha 2020: प्रधानमंत्री से लें परीक्षा में तनावमुक्त रहने के शानदार टिप्स

'परीक्षा पे चर्चा 2020' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्ती के लिए शानदार टिप्स दिए हैं. Tips for Reduce Exam Stress

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों के बीच बहुत ही लोकप्रिय हैं और वे बच्चों के उत्साहवर्धन में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं. उन्हें जब भी अवसर मिलता है वे बच्चों को प्रोत्साहित (Tips for Reduce Exam Stress) करते हैं. चाहे वो मन की बात हो या फिर कोई अन्य मंच. सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा 2020’ के दौरान भी उन्होंने विद्यार्थियों की हौसला अफजाई की.

PM Narendra Modi in Pariksha pe charcha 2020

प्रधानमंत्री ने अपने अनुभवों के माध्यम से छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव को दूर कर आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स दिए. इस मौके पर उन्होंने कहा कि विफलताओं में भी सफलता की शिक्षा पाई जा सकती है. हर प्रयत्न में उत्साह भर सकते हैं. और किसी चीज में अगर आप विफल हो गए तो समझ लीजिए की आप सफलता की तरफ बढ़ रहे हैं.

स्कूल के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम (Pariksha pe Charcha 2020) का इनका तीसरा संस्करण था. वर्ष 2018 में बोर्ड परीक्षा से पहले प्रधानमंत्री ने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत की थी. इस वर्ष के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में पीएम ने पूरे देश के छात्रों के सवालों का जवाब दिया. प्रधानमंत्री ने सिर्फ छात्रों के साथ ही अपने अनुभव साझा नहीं किए बल्कि उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों के साथ भी अपने विचार साझा किए.

कार्यक्रम का मूल उद्देश्य छात्रों को आगामी परीक्षा के लिए तनावमुक्त करना (Tips for Reduce Exam Stress) है. ताकि वे परीक्षा में सफल हो सकें. कार्यक्रम में 2 हजार से ज्यादा छात्र व शिक्षक शामिल हुए थे. जबकि 1 हजार छात्र ऐसे थे जिन्हें निबंध प्रतियोगिता में चयनित होने के बाद इसमें शामिल होने का अवसर मिला था.

परीक्षा के तनाव को कम करने के उपाय (Tips for Reduce Exam Stress)

1. सबसे पहले पीएम से राजस्थान की छात्रा ने सवाल किया. उसने पूछा कि बोर्ड परीक्षा के बारे में सुनते ही उसका मूड ऑफ हो जाता है, तो ऐसे में हम अपनो को परिश्रम करने के लिए कैसे प्रेरित करें. फिर उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या हमलोगों ने कभी सोचा है कि मूड ऑफ क्यों होता है? खुद के कारण या बाहर की वजह से? आपने देखा भी होगा कि मूड ऑफ होने की ज्यादातर वजह बाह्य होते हैं.

2. एक क्रिकेट मैच का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2001 में कोलकाता में इंडिया व ऑस्ट्रेलिया का मैच था और इंडिया का विकेट फटाफट गिरते जा रहे थे. आपको याद होगा उस निराशे भरे माहौल में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने मैदान में कमाल करके हुए पूरा माहौल ही बदल दिया और मैच भी जीत गए. इसे कहते हैं सकारात्मक सोच और प्रेरणा की शक्ति.

3. परीक्षा में अच्छे अंक (Tips for Reduce Exam Stress) लाने के संबंध में पीएम ने कहा कि परीक्षा का अंक एक पड़ाव है लेकिन यह जिंदगी नहीं है. ऐसा कभी मत माने कि यही पूरी जिंदगी है. हम सबको इस सोच से बाहर आने की जरूरत है. फिर उन्होंने बच्चों के माता-पिता से गुजारिश करते हुए कहा कि वे बच्चों पर दबाव न बनाएं. बच्चों को उनके मन की भी करने दें.

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स्मार्ट फोन समय चुराता है (Tips for Reduce Exam Stress)

4. तकनीक के बारे में उन्होंने कहा कि तकनीक को अपना साथी मानना चाहिए. ये जरूरी है कि बदलती तकनीक के बारे में हम जानकारी इकट्ठा करें. लेकिन कभी भी अपने जीवन में तकनीक का भय नहीं आने देना चाहिए. स्मार्ट फोन जितना आपका समय चुराता है, उसमें से 10 फीसद समय कम करके आप अपने माता-पिता, दादा-दादी, व परिवार के बाकी सदस्यों के साथ समय बिताएं. तकनीक को कभी भी खुद पर हावी न होने दें. इसकी बुराई से बचना चाहिए. यानी हमारे अंदर ये भावना होनी चाहिए कि मैं तकनीक को अपने अनुसार, अपनी मर्जी से इस्तेमाल करूंगा.

5. छात्र किसी कालखंड के लिए नहीं होते बल्कि हमें जीवन भर अपने अंदर के विद्यार्थी को जीवित रखना चाहिए. जिंदगी जीने का सही सबसे बेहतर मार्ग है, रोज नया-नया सीखना, नया-नया जानना.

6. बोझ लेकर अगर आप परीक्षा हॉल (Tips for Reduce Exam Stress) में जाते हैं तो आपके सारे प्रयास बेकार हो जाते हैं. परीक्षा को कभी जिंदगी में बोझ ना बनने दें. परीक्षा हॉल में आत्मविश्वास के साथ जाना चाहिए. आत्मविश्वास बड़ी चीज है.

7. अगर आप सुबह उठकर पढ़ाई करते हैं तो संभव है कि आप मन और दिमाग दोनों से पूरी तरह तंदुरुस्त रहते होंगे. पर ध्यान रहे कि हर किसी की अपनी विशेषता होती है. इसलिए जरूरी है कि आप सुबह या शाम जिस समय आरामदायक महसूस करें उसी वक्त पढ़ाई करें.

बच्चे की क्षमता का ख्याल रखें अभिभावक (Tips for Reduce Exam Stress)

8. किसी अभिभावक पर मैं कोई दबाव नहीं डालना चाहता, ना तो किसी बच्चे को बिगाड़ना चाहता हूं. आपने देखा होगा कि स्टील के स्प्रिंग को ज्यादा खींचने पर वो तार बन जाता है. ठीक उसी तरह माता-पिता व शिक्षकों को भी बच्चे की क्षमता का ख्याल रखना चाहिए. माता-पिता को स्वीकार करना चाहिए कि बच्चे बड़े हो गए हैं. बच्चे जब 2-3 वर्ष के थे और तब आपके अंदर उनको मदद करने की जो भावना थी उसे हमेशा ही जिंदा रखें. बच्चे की रुचि के अनुसार उसे आगे बढ़ने को प्रेरित करें.

9. विद्यार्थी पढ़ाई (Tips for Reduce Exam Stress) के अलावा अगर कोई अतिरिक्त गतिविधि नहीं करते हैं तो वे रोबोट बन जाएंगे. क्या हम चाहेंगे कि हमारा युवा रोबोट में बदल जाए? नहीं युवा को हमेशा ऊर्जा व सपनों से भरा होना चाहिए.

10. अध्यापक अगर अपने कर्तव्यों का पान करता है तो उससे विद्यार्थियों के अधिकार सुरक्षित होते हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम उनके दिल के करीब है. इस कार्यक्रम से मैं ये समझ पाता हूं कि युवा मन क्या सोचता है. क्या करना चाहता है. इसलिए यह कार्यक्रम मेरा सबसे फेवरेट है. #PrimeMinisterNarendraModi

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