Home Pregnancy गर्भावस्था में ऐसे रखें पल-पल की खबर!

गर्भावस्था में ऐसे रखें पल-पल की खबर!

जब कोई महिला पहली बार गर्भवती होती है तो उनके मन में तरह-तरह की बातें आना लाजमी है. पहली बार इस स्टेज से गुजरते हुए आपको रोजाना नए-नए अनुभव होंगे.

Pregnancy week by week in Hindi | जब कोई महिला पहली बार गर्भवती होती है तो उनके मन में तरह-तरह की बातें आना लाजमी है. पहली बार इस स्टेज से गुजरते हुए आपको रोजाना नए-नए अनुभव होंगे. इस अनुभव के बीच कभी आपको खुशी मिलेगी, तो कभी मन में कुछ शंकाएं भी उत्पन्न हो सकती हैं. नन्हीं जान के लिए आपके मन में कई तरह के सवाल उमड़ते होंगे.

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Pregnancy week by week in Hindi

इसलिए इस बारे में अगर आपको पहले से जानकारी रहती है तो आपके लिए बढ़ियां रहेगा. क्योंकि घर में आने वाले नए मेहमान को लेकर मन में कई तरह की भावनाएं जुड़ी होती है. एक बच्चे के प्रति आपके दायित्व भी जुड़े होते हैं. गर्भावस्था की स्थितियों से अनजान होने की वजह से दिन प्रतिदिन आपके मन में कुछ न कुछ ख्याल आते रहते हैं.

तो आइए गर्भावस्था से जुड़ी कुछ जानकारी आपको देते हैं. जिसमें सबसे अहम है इस दौरान आप में होने वाले बदलाव. यहां गर्भावस्था के विभिन्न चरणों की जानकारी आपको देते हैं. इस जानकारी को हासिल करने के बाद आप इन परिस्थियों से पहले से ही अवगत रहेंगे. ताकि आपको किसी तरह का भय होने की बजाय आप इस सुखद पल का आनंद ले सकें.

गर्भावस्था के दौरान सप्ताह दर सप्ताह की प्रक्रिया को जानना जरूरी है. इसलिए हम यहां गर्भावस्था के 9 महीने के विभिन्न चरणों की जानकारी दे रहे हैं –

Pregnancy week by week in Hindi
Pregnancy week by week in Hindi

0 से 4 सप्ताह तक आपके गर्भाशय में अंडा निषेचित होता है. निषेचन संभोग के माध्यम से अंडे का शुक्राणु के साथ मिलन होता है. युग्मनज की पहली सेल इसी प्रक्रिया से बनती है. इसी से बच्चे का जन्म होता है.

4 से 8 सप्ताह (Pregnancy week by week in hindi) के दौरान गर्भावस्था का पहला लक्षण दिखाई देने लगता है. इस दौरान सीने में दर्द, उल्टी, मतली नींद और थकान ज्यादा रहती है. गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन की वजह से ही ये तमाम लक्षण देखने को मिलते हैं. इस वक्त भ्रूण 8 से 16 मिमी का होता है. पर इस दौरान आपको चिकित्सक से जरूर मुलाकात करनी चाहिए. क्योंकि इसी समय गर्भावस्था की थैली की जांच की जाती है.

8 से 12 सप्ताह तक भ्रूण मानव आकृति लेना शुरू कर देता है. अंगों के निर्माण के साथ-साथ शिशु गर्भ में हिलना-डुलना भी शुरू कर देता है. शिशु द्वारा गर्भ में हिलने की गति को मां भी महसूस करती है. एक मां के लिए यह बहुत ही आनंददायी अनुभव होता है.

यह चरण…

12 से 16 सप्ताह तक शुरूआती दौर के लक्षण दूर होने लगते हैं. इन दिनों में गर्भावस्था (Pregnancy week by week in hindi) प्रगति पर रहता है. भ्रूण का विकास तेजी से होता है. 16वें सप्ताह तक सिर शरीर से बड़ा होता है. शिशु की उंगलियां, नाखून, पलकें आदि का विकास हो रहा होता है. तब मां के शरीर में अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है. क्योंकि मां के द्वारा खाए गए भोजन से ही बच्चे को भी भोजन मिलता है. इसलिए उन दिनों में मां को संतुलित भोजन करना जरूरी होता है. ध्यान रखें कि आप ऐसे भोजन का सेवन करें जिसमें आयरन के स्त्रोत हों.

16 से 20 सप्ताह तक शिशु के तमाम अंग बढ़ चुके होते हैं लेकिन वे परिपक्व नहीं होते हैं. शिशु अंगूठा भी चुसना शुरू कर देता है. इस समय वह 20 सेमी. लंबा और वजन करीब 350 ग्राम होता है. इन दिनों में आपको डाइट बढ़ाने की आवश्यकता है. इस दौरान आपको थोड़े-थोड़े समय पर भोजन करना चाहिए. ख्याल रखें कि आप सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि शिशु के लिए भी खाना खा रही हैं. वसायुक्त और शक्करयुक्त भोजन करने से बचें. भोजन में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें.

20 से 24 सप्ताह में एक प्रमुख टेस्ट मोर्फोलोगिकल अल्ट्रासोनोग्राफी कराने की जरूरत पड़ती है. इससे शरीर में किसी प्रकार की विकृति का पता चलता है. इस दौरान भ्रूण नींद चक्र शुरू कर देता है. अब सिर और शरीर का अनुपात लगभग समान हो जाता है. सिर पर बाल भी दिखना शुरू हो जाता है. इस सप्ताह के अंत तक बच्चा करीब 600 ग्राम का हो जाता है.

Pregnancy week by week in Hindi

यह भी…

24 से 28 सप्ताह में रक्त जांच करवाने से मधुमेह का पता चलता है. अब पेट का आकार काफी बढ़ चुका होता है. शिशु के हाथ-पैर हिलाने के निशान दिखाई देने लगते हैं. इन दिनों में मां के लिए सोते वक्त सावधानी बरतना जरूरी होता है. यही कि आपको बायीं तरफ करवट लेकर ही सोना चाहिए. बायीं तरफ करवट लेकर सोने से बच्चे को सांस लेने में आसानी होगी. इस अवधि तक मां और बच्चे का वजन बढ़ जाता है. इस सप्ताह के अंत तक बच्चे का वजन 1 किलो तक हो जाता है.

28 से 32 सप्ताह तक आप में कमर दर्द, पैरों में दर्द आदि की समस्या आ जाती है. इन दिनों में भ्रूण उल्टा हो जाता है. शिशु का अंग पहले से अधिक परिपक्कव हो जाता है. 32 वें सप्ताह के अंत तक शिशु का वजन लगभग 2 किलो तक हो जाता है. लेकिन आपको कमर दर्द, पैरों में दर्द आदि की समस्या क्यों होती है यह भी बताते हैं-

  • गर्भाशय में हुई वृद्धि की वजह से रक्त परिसंचरण मुश्किल होना.
  • पेट का सारा वजन रीढ़ की हड्डी पर ही पड़ना.
  • गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तन के कारण.

32 से 36 सप्ताह (Pregnancy week by week in hindi) तक आते-आते गर्भवती का पेट काफी बढ़ जाता है. जससे कई तरह की समस्याएं हो सकती है. जिसमें सोना व घुमना अहम है. इन दिनों में गैस की भी समस्या रहती है. इससे राहत के लिए आपको वसा युक्त व एसिडिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए. 36वें सप्ताह के अंत तक बच्चा 3 किलो तक का हो जाता है. शिशु में मां-पिता की आवाज सुनने की शक्ति भी आ जाती है.

Pregnancy week by week in Hindi

सबसे अंतिम चरण…

36 से 40 सप्ताह (Pregnancy week by week in hindi) तक भ्रूण विकास की तमाम प्रक्रिया पूरी हो चुकी होती है. अब शिशु जन्म के लिए तैयार हो जाता है. इन दिनों में शिशु का आकार बढ़ने की वजह से पेट के अंदर उसका हिलना-डुलना कम हो जाता है. 36वें से 40वें सप्ताह तक का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है. इसलिए हर सप्ताह चिकित्सक की सलाह लेना उचित है. 37वें सप्ताह से बच्चा पैदा हो सकता है.

हर गर्भवती महिला के लिए गर्भावस्था के दिनों से संबंधित जानकारी रखना जरूरी है. अन्यथा यह ऐसा समय होता है जब आपको रोजाना नई-नई अनुभूति होती है. इन अनुभूतियों के बीच आपके मन में कई तरह के विचार भी आते रहते हैं. इस आलेख के माध्यम से आपकी जिज्ञासाओं को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया गया है. ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें.

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