Home Health Care यूनिसेफ:प्रियंका चोपड़ा को मिला मानवतावादी सम्मान!

यूनिसेफ:प्रियंका चोपड़ा को मिला मानवतावादी सम्मान!

प्रियंका चोपड़ा ने फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया. उन्हें यूनिसेफ के डैनी काये मानवतावादी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. Priyanka Chopra

बॉलीवुड अदाकारा प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम ऊंचा किया है. अभिनेत्री को ‘यूनिसेफ के डैनी काये मानवतावादी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है. इस पुरस्कार के लिए प्रियंका चोपड़ा के नाम की घोषणा इसी वर्ष जून में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की तरफ से की गई थी.

priyanka chopra

यह पुरस्कार एक अमेरिकी अभिनेता व समाज सेवक डैनी काये के नाम पर रखा गया है. वे यूनिसेफ के पहले सद्भावना दूत थे. दिग्गज फैशन डिजाइनर डायेन वॉन फॉस्टनबर्ग ने 37 वर्षीय इस अभिनेत्री को न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित समारोह ‘यूनिसेफ स्नो फ्लेक बॉल’ में प्रियंका (Priyanka Chopra) को यह अवार्ड 3 दिसंबर को सौंपा है.

इस बात की जानकारी यूनिसेफ ने ट्वीट करके दी है. डैनी काये अवॉर्ड को न्यूयॉर्क का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड माना जाता है. यह अवार्ड उस व्यक्ति को दिया जाता है जो मानवता की भलाई के लिए काम करते हैं. मानवता की सेवा की सराहना के तौर पर व्यक्ति को इस अवॉर्ड से नवाजा जाता है.

खुद को खुशकिस्मत मानती हैं प्रियंका (Priyanka Chopra)

अवार्ड लेने के बाद प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने कहा कि समाज सेवा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है. समाज सेवा जीवन का एक माध्यम बन गया है. ‘मैं अपने आप को खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे इस अवॉर्ड के लए चुना गया है. मेरी परवरिश भारत में हुई है. मेरे पिताजी आर्मी में डॉक्टर थे. पिताजी ने मुझे एक ही बात बताई थी कि अपने अधिकारों का इस्तेमाल दूसरों की मदद के लिए करो.’

अभिनेत्री (Priyanka Chopra) एक दशक से अधिक समय तक यूनिसेफ की सद्भावना दूत रहीं हैं. संगठन के साथ अपनी इस यात्रा के बारे में भी प्रियंका चोपड़ा ने अपना अनुभव साझा किया है. प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि तब मैं सिर्फ अभिनेत्री बनी थी.

तभी मुझे लगने लगा था कि समाज सेवा करने के लिए मुझे एक मंच मिल गया है. मैंने उन अभियानों के साथ जुड़ना शुरू कर दिया, जिसे मैं बहुत महत्वपूर्ण मानती थी. मैं थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों के साथ अन्य बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी काम करने लगी और तभी मुझे एहसास हुआ कि मैं बहुत सारे बच्चों के साथ काम कर रही हूं.

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यूनिसेफ के बारे में मुझे जानकारी मेरी तत्कालीन प्रबंधक नताशा पाल ने दी थी. उन्होंने ही बताया कि यूनिसेफ नाम का यह संगठन है और मुझे इसमें काम करना चाहिए. तब ‘‘मैंने इसके बारे में बहुत अधिक पढ़ना शुरू किया और अपनी इच्छा से काम करना शुरू कर दिया.

यूनिसेफ के साथ पूरे हुए 13 वर्ष (Priyanka Chopra)

कुछ साल बाद, मैं भारत में राष्ट्रीय दूत बनी और फिर मैं यूनिसेफ की अंतरराष्ट्रीय दूत बन गई. इस यात्रा को अब 13 साल पूरे हो चुके हैं.’’ इस काम के लिए उन्होंने अपनी टीम का धन्यवाद भी किया. हम सब बच्चों का भविष्य सुधारना चाहते है.

वर्ष 2006 की कहानी साझा करते हुए उन्होंने (Priyanka Chopra) कहा कि उस वक्त जब वह पहली बार यूनिसेफ के लिए फील्ड में गई थी, तो मुंबई के स्लम के एरिया में उनकी मुलाकाता सलमा नामक लड़की से हुई थी. वह लड़की अपने इलाके में बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही थी. वह सभी माता-पिता को समझाती थी कि कैसे बेटियों को एक मौका देना चाहिए.

पति निक जोनस ने की जमकर तारीफ Priyanka Chopra

प्रियंका की इस कामयाबी पर उनके पति और अमेरिकी सिंगर निक जोनस ने अपने ट्विटर अकाउंट पर प्रियंकी की जमकर तारीफ की है. निक ने प्रियंका की वहीं फोटो शेयर की जो उन्होंने इंवेट के दौरान पहन रखी थी. फोटो को ट्वीट करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा है कि मुझे आप पर इस बात के लिए गर्व है कि आप कौन हैं. आप पिछले 15 सालों से बतौर गुडविल ऐंबेसडर जुड़ी हुई हैं. आपने मुझे हर एक दिन सिर्फ अपने होने की प्रेरणा दी. आपको मुबारक हो माई लव.

वैसे भी प्रियंका चोपड़ा ने एक बार नहीं बल्कि कई बार भारत को गर्व महसूस करवाया है. बात सिर्फ सम्मान की नहीं है. राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान के साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ मुंह तोड़ जवाब देने के मामले में भी प्रियंका ने अपना फर्ज अदा किया है. अब यूनिसेफ द्वारा मिला इस सम्मान के बाद प्रियंका चोपड़ा फिर से वैश्विक स्तर पर चर्चा में आ गई हैं. #UNICEF

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