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Red Cross: पीड़ितों के लिए मसीहा से कम नहीं!

हर कीमती जान की रक्षा के लिए हर पल तत्पर संगठन का नाम ही रेड क्रॉस है. यह संगठन युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए सदैव तैयार रहता है.

हर जान कीमती है. इस कीमती जान की रक्षा के लिए हर पल तत्पर संगठन का नाम ही रेड क्रॉस है. यह संगठन युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए सदैव तैयार रहता है. यह संस्था रक्त जमा करने का काम करता है. इस रक्त से यह जरूरतमंदों की सहायता करता है. रेड क्रॉस एक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसी है.

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World Red Cross Day । source: redcross

इस संगठन का मुख्य उद्देश्य रोगियों, घायलों व युद्धकालीन बंदियों की सहायता करना है. 8 मई को विश्व रेड क्रॉस दिवस (World Red Cross Day) का पालन किया जाता है. रेड क्रॉस और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी डुनेंट की जयंती के अवसर पर रेड क्रॉस दिवस मनाया जाता है. पहली बार वर्ष 1948 में इस दिवस का पालन किया गया था.

अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस (World Red Cross Day) का उद्देश्य

एक वक्त था जब युद्ध में घायल सैनिकों की नियति में सिर्फ मृत्यु ही लिखी रहती थी. या फिर वे आजीवन विकलांग बने रहते थे. युद्ध की विभीषिका में पूरी दुनिया में कोई किसी का रक्षक नहीं होता था. युद्ध तो युद्ध, आपातकाल की स्थिति में कोई किसी की सुरक्षा नहीं कर पाता था. आपातकाल के दौरान स्थिति बेहद दयनीय हो जाती थी. ऐसे पीड़ित लोगों को तकलीफों से निजात दिलाने के लिए ही रेडक्रॉस जैसी संस्था का गठन हुआ.

हेनरी डुनेंट ने युद्ध में घायल सैनिकों की स्थिति से विचलीत होकर वर्ष 1863 में जेनेवा में एक कमेटी का गठन किया. जिसका नाम रेडक्रॉस (World Red Cross Day) की अंतरराष्ट्रीय समिति (आईसीआरसी) रखा गया. आईसीआरसी 25 सदस्यों की समिति थी. इसकी ड्यूटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैनिकों व युद्धों में घायलों की सहायता करना था.

बगैर किसी भेदभाव के दुःखी, पीड़ित मानव की सेवा का विचार देने वाले महान मानवता प्रेमी हेनरी ड्यूनेंट का जन्म 8 मई 1828 को हुआ था. हेनरी स्विस बिजनेसमैन और महान समाजसेवक थे. उनके जन्म दिवस के मौके पर ही पूरे विश्व में रेड क्रॉस दिवस (World Red Cross Day) का पालन होता है. ड्यूनेंट का समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा. उन्होंने पूरे विश्व को मानवतावादी सेवा के लिए जागरूक किया. हेनरी के अंदर लोगों को संवेदनशील बनाने की असाधारण प्रतिभा थी.

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World Red Cross Day । source: stackpathcdn

संवेदना (Emotions):

मानव सेवा के लिए लोगों के दिलों में संवेदना पैदा करने का काम इन्होंने बखूबी निभाया. मानवता के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाने के लिए उन्होंने कई तरह का अभियान छेड़ा था. उनके द्वारा सेवा कार्य के लिए गठित सोसायटी का नाम ही रेडक्रॉस दिया गया. मानवता की सेवा के प्रति हेनरी के असाधारण योगदान को देखते हुए ही वर्ष 1901 में उन्हें पहला नोबेल शांति पुरस्कार मिला.

रेडक्रॉस के लिए पहले विश्व युद्ध में मानवता की रक्षा करना सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई थी. उस वक्त हर तरफ नरसंहार जारी था. ऐसी भयावह परिस्थिति में रेडक्रॉस की तरफ से पीड़ितों को चिकित्सा सेवा मुहैया कराना बहुत मुश्किल काम था. रेडक्रॉस की प्राथमिक ड्यूटी युद्ध के दौरान जख्मी सानिकों को अपनी सेवा प्रदान करता था. बगैर किसी भेदभाव के पूरे युद्ध काल के दौरान रेडक्रॉस के तमाम स्वयं सेवक सैनिकों व आम जनता की सेवा में लगातार लगे रहे.

पुरस्कार (Award):

बिल्कुल समान परिस्थिति दूसरे विश्व युद्ध में उत्पन्न हुई थी. रेड क्रॉस को वैसी ही चुनौतियों का सामना फिर से करना पड़ा था. इन्हीं आसाधारण कार्यों के लिए आईसीआरसी को वर्ष 1917 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था. देखा जाए तो दूसरा विश्व युद्ध रेड क्रॉस के लिए सबसे कीमती उपहार रहा.

अब द्वितीय विश्व युद्ध के भी अफ्रीका और पश्चिम एशिया समेत कई देशों में आंतरिक झड़पें जारी थी. इस झड़प में भी कई लोग बुरी तरह जख्मी हुए थे, तो कईयों की जानें भी गई थी. ऐसी स्थिति में भी रेडक्रॉस ने तमाम मुश्किलों का सामना करते हुओए मानवता की सेवा करने का हर संभव प्रयास किया था. जब किसी देश में मानवता को प्रताड़ित किया जाता था. तो उस देश में रेडक्रॉस (World Red Cross Day) को भी जाने की इजाजत नहीं मिलती थी. अगर अनुमति मिल भी जाती, तो वहां की सरकार के सहयोग के बगैर जनता की सहायता नहीं की जा सकती थी.

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World Red Cross Day । source: drk

बड़ी समस्या आतंकवाद (Big problem terrorism):

आज परिस्थितियां काफी बदली है. आज के दिनों में देखें तो रेडक्रॉस के लिए आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या है. जब वे मानवता की सेवा करने जाते हैं तो उनके सदस्यों का अपहरण कर लिया जाता है. सिर्फ अपहरण ही नहीं कई बार इनके सदस्यों को जान भी गंवानी पड़ती है. वर्तमान में विश्व के 186 देशों में यह रेडक्रॉस सोसायटी काम कर रही है.

विश्व के ज्यादातर ब्लड बैंकों की देश-रेख रेडक्रॉस व इसके सहयोगी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है. रेडक्रॉस के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है. इसके रक्तदान जागरूकता अभियान के कारण ही आज थैलीसिमिया, कैंसर व एनीमियां जैसी कई जानलेवा बीमारियों से कितने सारे लोगों की जान बच रही है.

रेड क्रॉस चिन्ह (Red Cross Sign) :

जेनेवा कन्वेंशन के नियमानुसार रेड क्रॉस के चिन्ह का प्रयोग सिर्फ संघर्ष या युद्ध की स्थिति में की जाती है. जैसे युद्ध के दौरान चिकित्सा कर्मियों व उनके वाहनों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. जिसमें चिकित्सा संबंधी सामग्री हो. यह चिन्ह पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण होती है. यह चिन्ह पीड़ितों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. आधिकारिक रूप से चयनित लोग ही इस चिन्ह का इस्तेमाल करें.

इसका इस्तेमाल सिर्फ सेना के चिकित्सक जवानों अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस व रेड क्रिसेंट मूवमेंट द्वारा ही किया जा सकता है. अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के कई कोशिशों के बावजूद रेड क्रॉस के चिन्ह का गैर-कानूनी रूप से इस्तेमाल जारी है. इस चिन्ह का इस्तेमाल गैर-सरकारी, सरकारी, मेडिकल, डॉक्टर, एम्बुलेंस आदि के लिए न करें.

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World Red Cross Day । source: ifrc

कार्य (Duties):

  • वैश्विक स्तर पर रेड क्रॉस आंदोलन को फैलाना.
  • रेड क्रॉस समितियों के संविधान से वर्तमान समितियों को सूचित करना.
  • सभ्य राज्यों को जेनोआ अधिवेशन स्वीकार करने के लिए तैयार करना.
  • अधिवेशन के निर्णयों का पालन करना. इसकी अवहेलनाओं की भर्त्सना करना व कानून बनाने के लिए सरकार पर दबाव तैयार करना.
  • युद्धकाल में बंदियों की सहायता करना.
  • अन्य पीड़ितों की सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का निर्माण करना.
  • बंदीशिविरों की देखरेख करना.
  • शांति व युद्ध के दौरान राष्ट्रों व उपराष्ट्रों के बीच शुभचिंतक के रूप मे काम करना.
  • मानव सेवा से संबंधित अन्य कई कार्य करना.

मानव जीवन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रेड क्रॉस के सदस्यों को मसीहा कह सकते हैं. इस आलेख के माध्यम से हमले रेड क्रॉस के सदस्यों के जज्बे को पूरी इमानदारी से पेश करने की कोशिश की है. इंसान होने के नाते हर किसी को अपनी योग्यतानुसार पीड़ित व्यक्ति की सेवा करनी चाहिए. यही सेवा मानव धर्म है. आपको यह आलेख कैसा लगा हमें ‘योदादी’ के साथ कमेंट कर जरूर शेयर करें. #WorldRedCrossDay

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