Home Health Care वायु प्रदूषण से बढ़ रहा मौत का खतरा, आयु हो रही कम!

वायु प्रदूषण से बढ़ रहा मौत का खतरा, आयु हो रही कम!

इन दिनों सबके लिए एक बड़ी समस्या वायु प्रदूषण की है. जिसके प्रभाव से कितनी घातक बीमारियों का खतरा बना रहता है. Air Pollution Side Effects

मनुष्य के जीने के लिए हवा बहुत जरूरी है. स्वच्छ वायु के बिना जिंदगी असंभव है. लेकिन स्थिति तब गंभीर रूप धारण कर लेती है जब आपके आसपास की हवा ही प्रदूषित (Air Pollution Side Effects) हो जाए. अब जब हवा ही दूषित हो जाए तो ऐसे में सभी के स्वास्थ्य पर संकट मंडराने लगते हैं.

Air Pollution

वायु प्रदूषण की वजह से ना सिर्फ हमारी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, बल्कि हमारे जीवन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है. इन दिनों राजधानी दिल्ली व भारत के कई शहरों में प्रदूषण का खतरा जानलेवा (Air Pollution Side Effects) बना हुआ है. दिवाली के बाद तो दिल्ली में लोगों का सांस लेना ही मुश्किल हो गया है.

यह प्रदूषित हवा सेहत के साथ-साथ शरीर के कई हिस्सों को भी प्रभावित कर रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 18 से कम उम्र के करीब 93 फीसद बच्चे प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं.

10 में से 1 बच्चे की मौत की वजह प्रदूषण –

रिपोर्ट की मानें तो पांच साल से कम उम्र के 10 बच्चों की मौत में से 1 बच्चे के मौत की वजह प्रदूषित हवा है. शिकागो विश्वविद्यालय की शोध संस्था ‘इपिक’का दावा है कि प्रदूषण की वजह से लोगों की औसतन आयु करीब 7 वर्ष तक कम हो रही है. संस्था का यह दावा एयर क्वालिटी इंडेक्स के आधार पर किया गया है.

प्रदूषण का स्तर अगर यूं ही लंबे समय तक बरकरार रहा तो यह हम सबके लिए जानलेवा साबित हो सकता है. पहले यह जानना जरूरी है कि वायु प्रदूषण (Air Pollution Side Effects) हमारे शरीर को किस तरह प्रभावित करता है. और किन-किन बातों का ध्यान रखकर हम इस जहरीले प्रदूषण से अपना बचाव कर सकते हैं.

वायु प्रदूषण का प्रभाव

1. त्वचा को नुकसान – Air Pollution Side Effects

प्रदूषित वायु हमारी त्वचा के लिए खतरनाक साबित हो रही है. इसकी वजह से त्वचा पर चकत्ते, जलन व दाग-धब्बे जैसी समस्या हो सकती है. इसके अलावा यह प्रदूषण बालों के झड़ने की भी वजह बन सकती है. सिर्फ यही नहीं वायु प्रदूषण का असर हमारे मस्तिष्क पर भी पड़ता है.

2. जोड़ों के लिए हानिकारक –

डॉक्टर कहते हैं कि हवा में पीएम 2.5 सांस लेने के रास्ते खून में प्रवेश कर जाते हैं. जिसकी वजह से फेफड़ों में मौजूद प्रोटीन बदल जाती है. और फिर शरीर हमारे अंदर मौजूद प्रोटीन को बाहरी समझकर उनसे लड़ने लगता है. इसके परिणाम स्वरूप जोड़ों की बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है.

3. आंखों के लिए हानिकारक –

दूषित हवा (Air Pollution Side Effects) से आंखों व नाक से पानी आना तो सामान्य बात है. इसकी वजह से आंखों में हमेशा जलन की समस्या व देखने में दिक्कत तो आती ही है. वहीं धीरे-धीरे यह हमारी आंखों की रोशनी भी कम कर देता है. बीएलके सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन, एलर्जी एंड स्लीप डिसऑर्डर के सीनियर कंसलटेंट व एचओडी डॉ संदीप नायर के अनुसार ‘वायु में मौजूद 2.5 माइक्रोन (पीएम 2.5) से छोटे कण हमारे शरीर में सीधे सांस लेने के रास्ते प्रवेश कर सकते हैं.

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इसके शरीर में प्रवेश करने से हमें सांस लेने में दिक्कत, बुखार, खांसी व घुटन महसूस होने की भी समस्या हो सकती है. यहां तक की यह हमारे नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित करते हैं. जिस कारण हमें सिरदर्द व चक्कर जैसी दिक्कतें आने लगती है.

4. बढ़ रही हैं बीमारियां – Air Pollution Side Effects

वायु प्रदूषण के कारण कई सारी बीमारियों ने लोगों के शरीर में घर कर लिया है. जिसमें अस्थमा व स्ट्रोक जैसी बीमारियां भी शामिल है. सूक्ष्म वायु प्रदूषण कण युवाओं और स्वस्थ लोगों की नसों और नब्ज की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाकर रहे हैं. जिससे उनमें स्ट्रोक का खातरा बढ़ रहा है.

5. फेफड़ों को खतरा –

वायु प्रदूषण (Air Pollution Side Effects) से फेफड़ों के क्षतिग्रस्त होने की संभावनाएं बढ़ जाती है. यह सीओपीडी के जोखिम का एक कारक है. इसके पीड़ित पांच प्रतिशत लोगों में अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन नामक एक प्रोटीन की कमी होने लगती है. जिसकी वजह से धीरे-धीरे यह हमारे फेफड़ों व यकृत को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है.

ऐसे करें वायु प्रदूषण से बचाव

1. मास्क का घर पर भी करें प्रयोग – Air Pollution Side Effects

प्रदूषित वातावरण में सुबह-शाम बाहर टहलने की बजाय घर पर ही योग या व्यायाम करें. घर में रहने के दौरान भी मास्क लगा कर रखें. वायु में घुले हुए जहरीले तत्व सांस लेने की प्रक्रिया के दौरान हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है. यह प्रदूषण अंदर जाकर अन्य अंगों में चिपक जाते हैं जिससे अस्थमा, टीबी व कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

2. योग हो सकता है लाभकारी –

नियमित रूप से योग करने पर हमारे शरीर से कई हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं. प्रदूषण से सुरक्षा के लिए धनुरासन, कपालभाती, चक्रासन, उष्ट्रासन और जलनेती जैसे योग बहुत फायदेमंद साबित होता है. योग श्वसन तंत्र और ह्रदय को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं लेकिन धूंध के दौरान कोई भी व्यायाम घर पर करना ही उचित होता है.

Air Pollution

3. गुड़ का सेवन कर गले की गंदगी करें दूर – Air Pollution Side Effects

वातावरण प्रदूषित होने पर धूल के कण गले में जमा हो जाते हैं. और बस गले की समस्या शुरू हो जाती है. रोजाना भोजन के बाद गुड़ के सेवन से गले की गंदगी को साफ किया सकता है. गर्म पानी में नींबू डालकर पीने से भी गला साफ होता है. संतरे का सेवन भी इसमें लाभकारी साबित होता है.

4. श्वसन प्रक्रिया रखें मजबूत –

प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए श्वसन प्रक्रिया को मजबूत रखना जरूरी है. रोजाना 1 चम्मच च्यवनप्राश का सेवन आपको रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है. अदरक, लौंग, काली मिर्च और तुलसी पत्ता युक्त काढ़ा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने के लिए रोजाना कुछ नीम की पत्तियों या सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली का भी सेवन किया जा सकता है.#AirPollution

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