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शिशु की आंखों में काजल लगाने के साइड इफेक्ट्स!

शिशु को काजल लगाने से पहले यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि काजल आपके शिशु की आंखों के लिए सुरक्षित है या नहीं. Side Effects of Kajal

अपने नवजात शिशु की देखभाल को लेकर हर मां चिंतित रहती है. क्योंकि शिशु की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है इसलिए उनके स्वास्थ्य का विशेष ख्याल जरूरी होता है. बच्चे की देखभाल (Side Effects of Kajal) में कोई कमी ना हो इसके लिए वह चिकित्सकीय सलाह के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खे भी अपनाती है.

baby with kajal

पर जाने-अनजाने कुछ ऐसे नियमों का पालन किया जाता जिसका दुष्परिणाम बच्चे की सेहत पर देखने को मिलता है. पीढ़ियों से चले आ रहे रिवाजों में शिशु को काजल लगाना (Side Effects of Kajal) भी शामिल है. पुरानी मान्यता है कि छोटे बच्चे को काजल लगाने से उन्हें नजर नहीं लगती.

बच्चे का चेहरा व आंखें सुंदर दिखती है. लेकिन क्या आप जानती हैं कि यह काजल आपके बच्चे की आंखों के लिए सुरक्षित है भी या नहीं. इसलिए शिशु को काजल लगाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.

शिशु की आंखो में काजल लगाने से होने वाला असर-

अगर आप दादी-नानी की सलाह मानें तो काजल में बहुत सारे औषधीय गुण है. काजल शिशु को विभिन्न तरह की बीमारियों से बचाने का सबसे सफल माध्यम है. कहा जाता है कि अगर बच्चे की आंखों में काजल लगा हो तो वह बच्चे के लिए सुरक्षा कवच (Side Effects of Kajal) का काम करता है. लेकिन चिकित्सकों की मानें तो शिशु की आंखों में काजल लगाना नुकसानदायक भी हो सकता है.

बच्चों को काजल लगाने के फायदे –Side Effects of Kajal

  1. 1. काजल शिशु की आंखों को सूरज की तेज किरणों से बचाता है.
  1. 2. शिशु की आंखें सुन्दर, बड़ा व चमकीला होता है.
  1. 3. छोटे बच्चों को बुरी नजर से भी बचाता है.

शिशु की आंखों में काजल का बुरा असर –

  1. 1. बाजार में मिलने वाले अधिकतर काजल में सीसे की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. यह सीसा बच्चे के लिए खतरनाक साबित होता है. इसकी वजह है (Side Effects of Kajal) कि अगर शिशु को लंबे समय तक काजल लगाया जाता है तो यह सीसा उसके शरीर में प्रवेश करने लगता है.
  1. 2. इसका शिशु के दिमाग, अंग, व अस्थि मज्जा पर बुरा असर पड़ता है. अगर शिशु के शरीर में सीसे का मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है तो उसकी दिमागी सूझ-बूझ कमजोर हो जाती है. एनीमिया व दौरे आने जैसी शिकायतें हो सकती है.
  1. 3. आंखों के बीच का हिस्सा (पुतली या कॉर्निया) बहुत ही नाजुक होता है. आंखों में किसी तरह की गंदगी जाने से आंखों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है.
  1. 4. शिशु को काजल लगाने से उसकी आंखों से लगातार पानी आने की समस्या हो सकती है.
  1. 5. कभी-कभी तो काजल से या फिर गंदी उंगलियों की वजह से भी बच्चे की आंखों में संक्रमण का खतरा बना रहता है.
  1. 6. रोजाना काजल लगाने से वह धीरे-धीरे बच्चे की आंखों में जमना शुरू हो जाता है. जिससे उनकी आंखों में खुजली होने लगती है.

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  1. 7. आपने गौर किया होगा कई बार बच्चे को काजल लगाने के बाद वे आंखों को मसलना शुरू कर देते हैं. इसका कारण होता है काजल की वजह से उनकी आंखों की ड्राई होना.
  1. 8. शिशु की आंखों को काजल ड्राई बनाते हैं.

ऐसे बरतें सावधानी -Side Effects of Kajal

  1. 1. बच्चे के लिए बाहर मिलने वाले कागज नहीं बल्कि घर में बने काजल का इस्तेमाल करें. अगर आप खरीदे हुए काजल का व्यवहार करती हैं तो ध्यान रहे वह किसी अच्छी कंपनी का हो.
  1. 2. रात के वक्त शिशु की आंखों से काजल पोछ दें.
  1. 3. काजल लगाने के बाद जलन की शिकायत होने पर आंखों में पानी के छीटें मारें.
  1. 4. इसको आंखों के अंदर नहीं बल्कि बाहर ही लगाएं.
  1. 5. इसे लगाने पर आंखों से पानी गिरने की शिकायत होने पर काजल लगाना बंद कर दें.
  1. 6. अगर आप घर का बना काजल इस्तेमाल करती हैं तो साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें.

घर पर काजल बनाने की विधि -Side Effects of Kajal

  1. 1. सबसे पहले सफेद रंग का मलमल का कपड़ा ले और उसे चन्दन के पेस्ट में भिगो दें. सुबह उठकर उसे छाया में सूखने के लिए रख दें.
  1. 2. फिर शाम के वक्त कपड़े की गोल बत्ती बनाकर उसे मिट्टी के दीपक में अरंडी का तेल डालकर जलाएं.
  1. 3. पीतल की प्लेट में थोड़ा सा लहसून का पेस्ट लगाकर उसे दीपक के उपर रख दें. लेकिन ध्यान रखना जरूरी है कि प्लेट को दीपक के उपर बिल्कुल सटा कर ना रखें. दीपक को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलना जरूरी है ताकि वह बुझे नहीं.
  1. 4. अब सुबह पीतल की प्लेट में जमे कार्बन पाउडर को एक साफ सूखे डब्बे में निकाल लें.
  1. 5. इस पाउडर में थोड़ा सा घी मिलाएं बस काजल लगाने के लिए तैयार.

इस काजल का इस्तेमाल करने से किसी तरह के जोखिम का खतरा नहीं रहता. इसमें औषधीय मूल्य भी होते हैं. इसलिए अगर बाजार में बिकने वाले काजल (Side Effects of Kajal) का इस्तेमाल ना करके आप इस काजल का करती हैं तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा. अगर आप हमारे विचारों से सहमत हैं तो कृप्या ‘योदादी’ के माध्यम से अपने विचार तो साझा करें साथ ही अन्य माता-पाता के साथ भी अपने अनुभव साझा करें. #Kajal

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