Home Experts Advice बच्चे हों या बड़े, चेचक होने पर ऐसे करें परहेज

बच्चे हों या बड़े, चेचक होने पर ऐसे करें परहेज

मौसम परिवर्तन के दौरान होने वाली वायरल बीमारियों में चिकन पॉक्स भी शामिल है. समय रहते इससे बचाव के उपाय अपना लिए जाएं तो राहत मिल सकती है.Tips For SmallPox

मौसम परिवर्तन के दौरान वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है. इन वायरल बीमारियों में चिकन पॉक्स (Tips For SmallPox) भी शामिल है. यह बीमारी बहुत ही पीड़ादायक होती है और इसका खतरा बच्चे व बड़े दोनों को ही रहता है. बच्चों में तो इससे बचने के लिए टीकाकरण किया जाता है. हालांकि कितनी बार टीकाकरण के बाद भी बच्चों में इसके होने की आशंका ज्यादा रहती है. इस बीमारी की अन्य लोगों में भी संक्रमित होने की संभावना रहती है. समय रहते अगर इससे बचाव के उपाय अपना लिए जाएं तो काफी हद तक राहत मिल सकती है.

चेचक के लक्षण (Symptoms):

चेचक (Tips For SmallPox) पानी के माध्यम से फैलने वाला वायरल इंफेक्शन है. यह छूआछूत वाली बीमारी है. अत्यधिक गर्मी पड़ने पर इस बीमारी की शुरुआत होती है. यह शरीर पर दाने के रूप में उभर आते हैं. उन दानों में पानी भर जाता है. इसमें पूरे शरीर पर दाग-धब्बे के साथ शरीर में दर्द, तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, कमजोरी की परेशानी रहती है.

वैसे तो यह बीमारी एक से दो सप्ताह तक रहती है लेकिन अगर लापरवाही बरती जाए तो यह खतरनाक हो सकती है. इसका प्रभाव लीवर व दिमाग तक भी जा सकता है. इसमें पीलिया जैसी बीमारी का भी खतरा रहता है. इसकी वजह से अन्य बीमारियों के होने संभावना बढ़ जाती है.

संक्रमण से बचाव (Prevention of infection):

यह बीमारी वेरीसेला जोस्टर नामक वायरस की वजह से फैलता है. इस बीमारी में मरीज के पूरे शरीर में फुंसी जैसे चकत्ते हो जाते हैं. हवा के माध्यम से यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के अंदर तक जाती है. इसकी सावधानियों में मुख्य रूप से मरीज को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.

बच्चों को मरीज से दूर रखें क्योंकि इन्हें यह बहुत जल्दी पकड़ने की संभावना रहती है. अगर मरीज घर से बाहर नहीं निकले तो ऐसे में एक घर की बीमारी दूसरे के घर तक नहीं फैलती. यह ऐसी बीमारी है जो खांसने व हवा के माध्यम से भी फैलती है.

खाने में बरतें सावधानी (Use caution):

यह न खाएं – Tips For SmallPox

जिसे चिकन पॉक्स (Tips For SmallPox) की शिकायत होती है उन मरीजों को फैट फूड से दूर ही रहना चाहिए. अंडा से तो एकदम ही दूर रहें. इस दौरान खट्टी चीजें, ज्यादा नमकयुक्त चीजें, तेल व मसालेदार भोजन, फूड, चॉक्लेट, रोस्टेड फूड व जंकफूड आदि खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए.

ये चीजें खाएं –

चिकन पॉक्स (Tips For SmallPox) के मरीजों को खाने में अधिक पानी वाली चीजों को शामिल करना चाहिए. जैसे तरबूज, जूस, किवी, नाशपाती, दही व ठंडा पानी आदि का इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसे में ठंडी व पानी वाली चीजें जितनी ज्यादा खाई जाए उतना लाभदायक होता है. चिकन पॉक्स होने पर शुरू के तीन दिन मरीज को सिर्फ दही और चावल ही खिलाना चाहिए. नींबू, नारियल व दाल के पानी का भी सेवन करें.

नीम की पत्तियां हैं लाभदायक – Tips For SmallPox

1. पॉक्स होने पर नीम नेचुरल और बेहद कारगर इलाज है. इसमें एंटी फंगल, एंटी बैक्टिरीयल व एंटी इंफ्लामेट्री गुण विद्यमान होता है. नीम एक नहीं बल्कि बहुत सारे रोगों की दवा है. नीम के डंठल, पत्तियां व इसकी छाल तमाम चीजें किसी न किसी बीमारी या फिर अन्य कार्यों के लिए लाभकारी हैं. इसकी छाल का इस्तेमाल दाद समेत अन्य संक्रमण में किया जाता है. स्किन से जुड़ी समस्याओं में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.

2. इसके मरीज को नीम की पत्तियों के पानी से नहाना फायदेमंद होता है. इसके लिए आप नीम की पत्तियों को उबाल लें. पानी ठंडी होने के बाद उसे छान लें. उसकी पत्तियों को छान लें और फिर उस पानी को नॉर्मल पानी के साथ मिलाकर फिर उससे स्नान कर लें. इस पानी से नहाने पर इंफेक्शन के साथ खुजली भी कम होती है. जिससे मरीज को राहत मिलती है.

3. ऐसा भी कर सकते हैं नीम की पत्तियों को पानी में रख कर 1 से 2 घंटे तक छोड़ दें. फिर उस पानी से मरीज को नहलाएं. नहाने के बाद फिर उसके शरीर पर हल्दी या नीम का पेस्ट लगाएं, तो राहत मिलेगी.

4. नीम का पेस्ट भी इस बीमारी में राहत देती है. इसके लिए नीम की पत्तियों का पेस्ट तैयार कर लें. उसे चेचक के दानों पर लगाएं. कभी-कभी इसे लगाने के बाद खुजली भी होती है लेकिन उसे खुजाना सहीं नही होगा. ऐसा करने पर कुछ दिनों में ही इससे राहत मिलेगी.

5. चेचक (Tips For SmallPox) का मरीज जिस बिस्तर पर सोता हो वहां नीम की पत्तियां बिछा दें. इससे मरीज की खुजली पर नियंत्रण होगा. यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इसके मरीज को हमेशा अलग बिस्तर पर ही सुलाएं क्योंकि यह संक्रमण फैलाने वाली बीमारी है.

झाड़-फूंक से बचें – Tips For SmallPox

1. अमूमन देखा जाता है कि पॉक्स के मरीज की इलाज के लिए लोग झाड़-फूंक का सहारा लेने लगते हैं. बेहतर झाड़-फूंक के चक्कर में ना पड़ कर किसी चिकित्सक से इसका इलाज करवाएं.

2. इसकी रोकथाम के लिए मोरीबिलियम या वेरीओलीयम 1000 की खुराक लाभदायक होती है.

साफ-सफाई जरूरी (Cleanliness needed):

पॉक्स के मरीज की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है. जबकि कुछ लोग कहते हैं कि इसके मरीज को नहाना नहीं चाहिए, दो की पूरी तरह गलत है. इस दौरान मरीज को रोजाना नीम के पानी से नहलाना चाहिए. इसके अलावा मरीज के बर्तनों को भी अगल रखना चाहिए क्योंकि इससे भी संक्रमण फैलने का डर रहता है.

इसे भी पढ़ें: माइग्रेन से बचने के 5 कारगर इलाज

रहें सावधान (Be Careful):

1. गहरे दाग से बचाव के लिए दागों पर नाखून बिल्कुल ना लगाएं.

2. आप रोजाना नहा सकते हैं और बाल भी धो सकते हैं लेकिन नहाते वक्त दाग वाले स्थान पर गीले तौलिए से मत पोछें. इससे भी संक्रमण की संभावना रहती है.

3. चिकेन पॉक्स कई लोगों को दोबारा भी होता है.

गर्भावस्था में रखें ख़ास ख्याल

यह ऐसी बीमारी है जो अगर किसी गर्भवती महिला को हो जाए तो इससे नवजात में संक्रमण का खतरा 70 फीसद तक बढ़ जाता है. जिनके अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें यह बीमारी जल्द लगती है. यही वजह है कि गर्भ ठहरने के 14 हफ्ते बाद जो पावर बूस्टर डोज दी जाती है वह वैरिसैला वायरस से बचाव करती है.

गर्मी के दिनों में होने वाली विभिन्न तरह की बीमारियों में चिकन पॉक्स एक आम बीमारी है. छूआछूत वाली इस बीमारी के प्रति कई तरह की सावधानियां बरतना जरूरी होता है. खासकर इसके मरीज के लिए खान-पान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है. उम्मीद है यह आलेख आपके लिए जरूर लाभदायक साबित होगा. #SmallPox

(योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here