Home Health Care इस बीमारी की वजह से परेशान हैं सोनम, जानिए क्या है बचाव?

इस बीमारी की वजह से परेशान हैं सोनम, जानिए क्या है बचाव?

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर आयोडिन की कमी से जूझ रही हैं. इसका खुलासा उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से किया है. Sonam Kapoor is ill

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर बेहद चिंतित हैं और चिंता की वजह उनकी बीमारी है. इन्होंने अपने फिल्म चुनाव को लेकर अलग पहचान बनाई है तो वहीं फैशन को लेकर भी चर्चा बटोरती रहती हैं. लेकिन बीमारी ने जैसे इनको और इनके फैन्स को भी निराश किया है. इस विषय में सोनम ने खुद सोशल मीडिया पर अपने विचार रखे.

Sonam Kapoor

दरअसल सोनम ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा है कि सभी वीगन और शाकाहारी लोग इस बात का ध्यान रखें कि प्लीज आप अपनी डाइट में आयोडिन युक्त नमक का इस्तेमाल जरूर करें.

उन्होंने लिखा है कि मुझे पता है कि मेरे शरीर में आयोडीन की कमी (Sonam is ill) है. आपको बता दें कि वीगन उन लोगों को कहा जाता है, जो जानवरों से मिलने वाले मीट और दूध से बनी चीजों का सेवन नहीं करते.

वीगन अपने खाने की चीजों के लिए पेड़-पौधों से बनी चीजों पर ज्यादा निर्भर रहते हैं. विशेषज्ञ की मानें तो वीगन और शाकाहारी लोगों में आयोडिन की कमी हो सकती है.

जिसका शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि आयोडिन हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना महत्वपूर्ण हैं.

आयोडिन ऐसा तत्व है जिसकी संतुलित मात्रा भोजन में होना जरूरी है. शरीर में आयोडिन की कमी से कई सारी बीमारियों (Sonam is ill) के होने का खतरा बना रहता है.

व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए शरीर में आयोडिन की पर्याप्त मात्रा का होना आवश्यक है.

सोशल मीडिया पर ऐक्टिव हैं सोनम

हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अभिनेत्री सोनम कपूर व के. आहूजा के 2 करोड़ फॉलोअर्स हैं. सोनम हमेशा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं.

यहां सोनम अपने पति व परिवार के सदस्यों व दोस्तों के साथ बिताए गए अपने निजी पलों को भी साझा करती रहती हैं.

जहां वह अपने पति और परिवार के सदस्यों व दोस्तों संग बिताए गए अपने निजी पलों को अपने प्रशंसकों संग साझा करती हैं. सोनम बहुत ही जल्द अपनी आनेवाली फिल्म ‘द जोया फैक्टर’ में नजर आएंगी.

गौरतलब है कि ‘द जोया फैक्टर’ की कहानी लेखिका अनुजा चौहान के एक फिक्शन पर आधारित है. यह एक राजपूत लड़की की कहानी है, जिसका नाम जोया है.

हिंदू लड़की के मुस्लिम नाम वाली यह कहानी कॉमेडी, इमोशन और रोमांस से भरपूर है.अब जानते हैं कि आयोडिन के स्त्रोत क्या-क्या है –

आयोडिन के स्त्रोत – Sonam is ill

शरीर में अगर आयोडिन की मात्रा संतुलित रहती है तो आपका शरीर दुरूस्त रहता है. पर्याप्त आयोडिन आपको बीमारियों से दूर रखने में सहायक होता है.

आयोडिन थायराइड ग्रंथि को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है. यह आपके दिमागी विकास में तो मदद करता ही है, यह वजन को नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है.

वैसे तो आयोडिन का सबसे बेहतर स्त्रोत नमक होता है. लेकिन इसके अलावा खान-पान की कई सारी चीजें हैं जिसके माध्यम से शरीर को आयोडिन की कमी से दूर रखा जा सकता है.

1. रोस्टेड आलू

भुने हुए आलू का रोजाना सेवन करने से शरीर में आवश्यक तत्वों की पूर्ति हो जाती है. क्या आप जानते हैं आलू का छिलका भी सेहत के लिए फायदेमंद है.

इसके छिलके में पोटेशियम और विटामिन की मात्रा पाई जाती है, जो शरीर के लिए गुणकारी है. 1 आलू में लगभग 40 फीसद आयोडिन पाई जाती है.

2. दूध भी है फायदेमंद

दूध के फायदे तो बचपन से ही सुनते आ रहे हैं, कि यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है. एक कप दूध में 56 माइक्रोग्राम आयोडिन की मात्रा पाई जाती है.

इसके अलावा एक कप दूध में कैल्शियम और विटामिन डी भी मिलता है जो हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में सहायक होता है.

3. मुनक्का

रोजाना 3 मुनक्का खाने से आपके शरीर में 34 माइक्रोग्राम आयोडिन प्रवेश करता है. लेकिन अगर हर दिन 5-6 मुन्नका खाया जाए तो आपको शरीर को विटामिन ए, आयोडीन व फाइबर की पर्याप्त मात्रा मिलती है.

4. दही

दही में मौजूद अच्छे बैक्टिरिया आपके पाचन तंत्र को दुरूस्त रखता है. इसमें मौजूद 80 माइक्रोग्राम आयोडीन जो आपकी दिन भर की जरूरतों को पूरी करता है.

Sonam Kapoor

5. ब्राउन राइस

ब्राउन राइस में पाए जाने वाले घुलनशील फाइबर ब्लड में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. ब्राउन राइस आयोडिन का सबसे अच्छा स्त्रोत है.

6. सी फूड

सी फूड को भी आयोडिन का सबसे बढ़ियां स्त्रोत माना जाता है. बच्चे को दिमागी तौर पर स्वस्थ बनाए रखने के लिए खाने में सी फूड को जरूर शामिल करे.

मछली में पाए जाने वाले प्रोटीन मस्तिष्क की नई कोशिकाओं का निर्माण करने में सहायक होत है. मछली में मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क को तेज करने में मदद करता है. इसमें मौजूद फैटी एसिड स्मरण शक्ति को बढ़ाने में मददगार होता है.

7. लहसून भी है गुणकारी

वैसे तो लहसून का सेवन खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है. लेकिन लहसून कई स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भी भरपूर है.

यह कम कैलोरी युक्त होने के साथ ही फाइटोन्यूट्रिएंट एनिथोल से भरपूर है. फाइटोन्यूट्रिएंट से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. इसमें आयोडिन की भरपूर मात्रा भी पाई जाती है.

रोजाना की भाग दौड़ में हम अपनी सेहत का ख्याल रखना भूल जाते हैं. लेकिन शरीर का स्वस्थ रहना जरूरी है. अन्यथा हम विभिन्न तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. इसलिए सदैव अपनी सेहत का ख्याल रखें. #SonamKapoor

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