Home Health Care क्या आप भी अपने बच्चे के चाय की लत से हैं परेशान!

क्या आप भी अपने बच्चे के चाय की लत से हैं परेशान!

देश-विदेश जहां भी देखें हर जगह चाय पीना लोगों की आदत बन गई है. सुबह की शुरुआत अगर चाय की प्याली से ना हो तो मानों पूरा दिन ही अधूरा सा लगता है. इसे बेड टी के नाम से जाना जाता है और यह कल्चर सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि गांव-गांव तक यह कल्चर विकसित हो चुकी है. देश की करीब 75 फीसद आबादी को सुबह उठने के साथ ही चाय पीना पसंद है. जिसमें सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी शामिल हैं और बच्चों को चाय देने के पीछे यह कारण है कि माता-पिता को लगता है कि बच्चों को चाय देने से उसकी इम्यूनिटी मजबूत होगी. इम्यूनिटी मजबूत होने पर वे मौसमी बीमारियों से लड़ने में सक्षम होंगे व उनके पाचन तंत्र भी मजबूत होंगे, पर क्या बच्चों को चाय देना सही है?

यहां हम आपको बताते हैं बच्चों में चाय की आदत (Tea addiction to children) से उसकी सेहत पर होने वाले नुकसान के बारे में –

बच्चों में भी होती है चाय की लत. source: punjabkesari

1. कैल्शियम व पोषक तत्वों की कमीः

चाय का सेवन करना बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी हानिकारक है. बहुत सारे लोगों को तो चाय का सेवन करना नशीले पदार्थ जैसा होता है. सही समय पर चाय नहीं मिलने पर उनके सिर में दर्द की समस्या शुरू होती है. जबकि छोटे बच्चों के चाय पीने पर उनका शरीर कैल्शियम को अवशोषित नहीं कर पाता है और शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है. चाय में शामिल टैनिन की मात्रा प्रोटिन समेत अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण क्षमता को कम कर देती है.

कई बार ऐसा देखा जाता है कि बच्चे दूध पीने में आनाकानी करते है. ऐसे में कई मां बच्चे को सिर्फ दूध वाली चाय बनाकर ही पिला देती हैं. उनको लगता है कि बच्चा दूध पिये या चाय दोनों समान ही है पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. दूध में चाय की कुछ बूंदे पड़ते ही दूध से मिलने वाले फायदे खत्म हो जाते हैं, पर यह सच बहुत कम लोग जानते हैं.

2. चाय के सेवन से यूरिन में वृद्धिः

चाय में पड़ने वाली चीनी की वजह से बच्चों के दांत खराब होने के साथ-साथ उनके अधिक मोटे होने का भी खतरा बना रहता है. अगर बच्चे को ज्यादा चाय दी जाती है तो वह भी कॉफी की तरह काम करता है. यानी चाय का अधिक सेवन करने से बच्चे में यूरिन अधिक आती है और बार-बार यूरीन आने की वजह से उसके शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है.

cup of tea
source: timesnownews

3. नींद की कमीः

चाय का अत्यधिक सेवन करने वाले बच्चों में अनिद्रा की समस्या का होना अनिवार्य है. चाय में मिलने वाले कैफिन से बेचैनी और नींद नहीं आने वाले रोग को उत्पन्न करती है. सिर्फ इतना ही नहीं चाय में युक्त कैफिन रक्तचाप में वृद्धि कर बच्चों में चिंता विकार को उत्पन्न करता है और जिससे बच्चों में अनिद्रा जैसी समस्या उत्पन्न होती है. यह भी देखा जाता है कि जो बच्चे चाय का सेवन ज्यादा करते हैं उनमें एकाग्रता की कमी आ जाती है और उनमें अतिसक्रियता भी देखने को मिलती है.

4. विकास रुकनाः

अधिक चाय पीना बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए घातक सिद्ध होता है. चाय का सेवन करने वाले बच्चों की लंबाई भी कम रह जाती है. बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका बुरा प्रभाव देखने को मिलता है और बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो जाते हैं.

5. चिड़चिड़ापन आनाः

चाय पीने वाले बच्चे अन्य बच्चों की तुलना में ज्यादा चिड़चिड़े होते हैं. चाय में युक्त निकोटिन की वजह से ही बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं.

kid with tea
source: blogspot

6. आंखों की कमजोरीः

क्या आपने सुना है कि चाय पीने से आंखों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है? जी हां चाय पीने वाले बच्चों की आंखें जल्दी कमजोर हो जाती है. यानी आंखों के कमजोर होने का एक कारण चाय पीना भी हो सकता है.

7. एकाग्रता की कमीः

चाय पीने वाले बच्चे किसी काम को एकाग्रता से नहीं कर पाते हैं. वे जब भी किसी काम को करना शुरू करते हैं तो उनका मन स्थिर नहीं रहता और उनका ध्यान इधर-उधर भटकता रहता है. जिसके परिणामस्वरूप बच्चा अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो पाता है.

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8. शरीर के निचले हिस्से में दर्दः

चाय काफी स्ट्रांग होने की वजह से वह बच्चे पर विपरीत प्रभाव डालती है. चाय की वजह से बच्चे के शरीर के निचले हिस्से में दर्द की समस्या हो सकती है.

9. अन्य नुकसानः

ज्यादा चाय पीने वाले बच्चों के शारीरिक विकास, मस्तिष्क, मांसपेशियों व नर्वस सिस्टम के विकास पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है. कम उम्र में चाय पीने से हडिड्यों में कमजोरी, शरीर में दर्द, चिड़चिड़ापन और कमजोर मांसपेशियां जैसी समस्याएं देखने को मिलती है. बच्चों के लिए चाय की छोटी सी घूंट भी बहुत बड़ी समस्या की कारण बन सकती है.

source: yourstory

> क्यों लग जाती है चाय की लत?

आपके लिए यह जानना जरूरी है कि चाय में नशीले पादर्थ भी होते हैं. लंबे समय तक इसका सेवन करने पर दिमाग इसका आदि हो जाता है और लोगों को बार-बार चाय पीने की इच्छा होती है. माता-पिता अपने साथ-साथ बच्चों को भी चाय पिलाते रहते हैं जिस कारण बच्चे भी इसके आदि हो जाते हैं और फिर बड़ों की तरह वे भी चाय के बिना नहीं रह पाते.

> ऐसे छुड़ाएं चाय की आदत

आपके बच्चे को भी अगर चाय पीने की लत लग गई है तो इसका एक मात्र सरल उपाय यही है कि बच्चे को चाय देना बंद करें. बच्चा अगर चाय पीने की जिद करे तो उसे चाय से होने वाले नुकसान की जानकारी दें. ऐसा करने पर वह धीरे-धीरे चाय पीना बंद कर देगा.

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