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नवजात के नाखून काटने के आसान टिप्स जरूर आजमाएं

बच्चों की आदत होती है कि वे बार-बार अपने हाथों को मुंह में डालते हैं. नाखून अगर साफ ना हो तो बच्चा बीमारी की चपेट में आ सकता है. इसलिए बच्चों के नाखून काटना (Tips to cut kids nails in Hindi) जरूरी हो जाता है.

नवजात बच्चों के शरीर पर अक्सर ही उनके ही नाखूनों के निशान देखने को मिल जाते हैं. कभी उनके चेहरे पर, कभी हाथों पर तो कभी उनके मुंह पर. इसके अलावा बच्चों की आदत होती है कि वे बार-बार अपने हाथों को मुंह में डालते हैं. नाखून अगर साफ ना हो तो बच्चा बीमारी की चपेट में आ सकता है. इसलिए बच्चों के नाखून काटना (Tips to cut kids nails in Hindi) जरूरी हो जाता है. लेकिन छोटे बच्चों के नाखून काटना बहुत ही मुश्किल काम है.

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नाखून काटते समय अगर सावधानी नहीं बरती गई तो आपके शिशु को चोट भी लग सकती है. नवजात के नाखून काटते वक्त मां को यह डर लगा रहता है कि कहीं मेरे बच्चे की नाखून के साथ-साथ उसकी उंगली भी ना कट जाए. क्योंकि नाखून काटते समय बच्चा बहुत ज्यादा हिलता-डुलता है. तो ऐसा नहीं है कि आप उसके नाखुन को काटें ही नहीं बल्कि यहां कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं, जिसकी सहायता से आप अपने नवजात के नाखूनों को बड़ी आसानी से काट सकती हैं.

कब काटें शिशु के नाखूनTips to cut kids nails in Hindi

कहा जाता है कि जब शिशु लगभग 9 से 10 महीने का हो जाता है, तब उसके नाखून फिंगरटिप्स से आगे आने लगते हैं. इसलिए डॉक्टरी से इस उम्र के बाद से बच्चे के नाखूनों को काटा जा सकता है. कई बार ऐसा भी होता है कि बच्चे के नाखून इस उम्र से पहले ही बड़े हो जाएं, लेकिन ऐसा दुर्लभ स्थितियों में ही होता है. नाखून काटना शुरू करने से पहले इस बात का भी ध्यान रखें कि शिशु के नाखून के सिरे, त्वचा से जुड़े न हों. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप शिशु विशेषज्ञ से सलाह ले सकती हैं.

नवजात के नाखून काटने के उपाय Tips to cut kids nails in Hindi

1. सोते समय

हमेशा याद रखें कि शिशु का नाखून ऐसे समय में जब उसका ध्यान कहीं और हो. जैसे बच्चे के सोते वक्त या फिर दूध पिलाते समय. क्योंकि दूध पिलाते समय बच्चा एकदम शांत रहता है तो उस समय आप आसानी से उसके नाखूनों को काट सकती हैं. और जब बच्चा सो रहा होता है तब भी वह शांत रहता है क्योंकि जगे रहने पर शिशु बहुत हिलते-डुलते हैं जिससे नाखून काटते में उसकी उंगलियों के कटने का खतरा बना रहता है.

2. नहाने के तुरंत बाद ही

शिशु को नहलाने पर पानी लगने से उसके नाखून एकदम नरम हो जाते हैं. नरम होने की वजह से उसे बड़ी आसानी से काटा जा सकता है. इसलिए शिशु को नहलाने के तुरंत बाद नाखून काटना आसान हो सकता है. आपका शिशु अगर नहाने के बाद सोता है, तो नाखून काटने के लिए यह सबसे बेस्ट समय है. अगर आप शिशु के नहाने के तुरंत बाद नाखून नहीं काट पाईं तो कोई बात नहीं है, इसका भी एक उपाय है. ऐसा करें कि नाखून काटने से पहले बच्चे की उंगलियों को गिले सूती कपड़े से साफ कर लें और फिर उसके नाखूनों को काटें. देखेंगे कि आपका ये काम बड़ी आसानी से हो जाएगा.

3. बेबी नेल कटर का करें इस्तेमाल

नवजात के नाखूनों को काटने के लिए हमेशा बेबी नेल कटर का ही इस्तेमाल करें. क्योंकि बड़ों के नेल कटर से बच्चे को नुकसान हो सकती है. बेबी नेल कटर बच्चे की उंगलियों के हिसाब से बने होते हैं, जिससे उनके नाखून अच्छे से कट जाते हैं.

4. हल्के हाथों से पकड़ें

अपने नवजात का नाखून काटने के लिए पहले आप उसकी हलेथी को अपने हाथों से ठीक से पकड़ें. इसके बाद नाखून को सीधा रखकर काटें. ध्यान रखें कि नेल कटर से बच्चे के नाखून को काटते समय उसके नाखूनों को उसमें एकदम अच्छे से एडजस्ट कर लें. एक बार देख लें कि नेल कटर में कहीं उसकी त्वचा तो नहीं आ रही है. अगर ठीक है तो फिर उसे काटें. वहीं कैंची से नाखून काटते समय ब्लेड को एक दिशा से दूसरी दिशा में सावधानीपूर्वक घुमाएं.

5. अंत में साफ-सफाई

बच्चे के नाखूनों को अच्छी तरह से काटने के बाद बेबी नेलफाइल से उसके किनारों को अच्छे से साफ करें. क्योंकि नाखून के कोनें अगर नुकीले रह जाते हैं तो फिर बच्चा उसी से अपने ही शरीर में खरोंच मारता है.

शिशु की उंगली कटने पर क्या करें?

तमाम सावधानियां बरतने के बाद भी कई बार ऐसा होता है कि नाखून काटते (Tips to cut kids nails in Hindi) समय आपके बच्चे की उंगली कट जाए, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है. ऐसे में आप बाजार में उपलब्ध स्टेराइल गौज पैड की मदद ले सकते हैं. कट लगने पर सबसे पहले साफ रूई से घाव को साफ करें और फिर स्टेराइल गौज पैड से उंगली को बांध दें.

फिर आप शिशु को डॉक्टर के पास ले जाएं और आवश्यक उपचार करवाएं. भूलकर भी शिशु के घाव पर आम बैंडेज न बांधें क्योंकि बच्चे अक्सर हाथों को मुंह में लेते हैं और ऐसे में बैंडेज के साथ उनके मुंह में बैक्टीरिया भी जा सकते हैं.

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