Home Education क्या आपके बच्चों में भी होते हैं आपसी झगड़े?

क्या आपके बच्चों में भी होते हैं आपसी झगड़े?

भाई-बहन के बीच झगड़े होना आम बात है. लेकिन बच्चे एक दूसरे के जानी दुश्मन ना बनें उसके लिए पहले से ही सावधानी बरतना जरूरी है. Tips to Stop Siblings Fight

भाई-बहन का रिश्ता बहुत खूबसूरत व अनमोल होता है. दोनों के बीच आपसी प्यार तो खूब रहता है. लेकिन इनमें नोंक-झोंक भी लगातार लगी रहती है. भाई-बहन के बीच इस तरह के लड़ाई-झगड़े (Tips to Stop Siblings Fight) तो आम बात है. लेकिन कभी-कभी यह इतना उग्र रूप धारण कर लेता है कि माता-पिता के लिए उसे संभालना मुश्किल हो जाता है.

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रोजाना चलने वाले इस तरह के झगड़ों से भाई-बहन के बीच नफरत पैदा होना शुरू हो जाता है. अगर आपके बच्चे भी इस तरह की हरकत करते हैं तो फिर यह बेहद चिंता का विषय है. क्योंकि इस तरह के झगड़ों में कभी-कभी बच्चों की जान पर बन आती है. इसलिए हर माता-पिता के लिए शुरुआत के दिनों से ही इस पर ध्यान देना सही रहता है.

इनके झगड़े (Tips to Stop Siblings Fight) ऐसे होते हैं जिसमें कौन किसे परेशान कर रहा इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है. जब आप इस झगड़े को शांत करने जाएंगे तो दोनों बच्चे एक दूसरे पर आरोप लगाना शुरू कर देते हैं. इसमें पता ही नहीं चलता की बदमाशी पहले शुरू किसने की है.

नकारात्मक होता है माहौल Tips to Stop Siblings Fight

ऐसा रोजाना होने से यह बच्चे के साथ-साथ आपके दिमाग पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है. घर का माहौल भी नकारात्मक हो जाता है. आपके बच्चे भी अगर इस तरह से झगड़ा करते हैं तो आपको उन्हें समझाना चाहिए. उनके बीच जारी इस मन मुटाव को खत्म करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है. ताकि इनके रिश्ते में कोई करवाहट ना रहे.

कोई माता-पिता नहीं चाहते कि उनके बच्चों के बीच करवाहट की स्थिति उत्पन्न हो. हर अभिभावक की ख्वाहिश होती है कि वे अपने बच्चे को अच्छी परवरिश दें. ताकि भाई-बहन ही नहीं बल्कि परिवार के हर सदस्य के साथ उनका प्यार बना रहे.

हम यहां आपको इस बारे में कुछ सुझाव देने जा रहे हैं. इससे आपको बच्चों के बीच होने वाले इन झगड़ों के निपटारे में सहायता मिलेगी.

पक्षपात से बचेंTips to Stop Siblings Fight

जब भी आपके बच्चों के बीच लड़ाई-झगड़े (Tips to Stop Siblings Fight) हो तो उन्हें शांत करने के लिए पक्षपात का सहारा बिल्कुल ना लें. क्योंकि अगर आप किसी एक बच्चे का पक्ष लेकर बोलते हैं तो दूसरे बच्चे पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है. कितनी बार देखा जाता है जब दो भाई-बहन की आपस में लड़ाई होती है तो उनमें जो बड़ा होता है उसे ही डांट पड़ती है.

उसे यह कह कर शांत कर दिया जाता है कि तुम बड़े हो इसलिए तुम्हें छोटे भाई या बहन के साथ प्यार से रहना चाहिए. जबकि इस शब्द का बड़े बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ता है और ऐसे में उसके अंदर हिंसा की भावना पनपती है.

दोनों को एक दूसरे की अहमियत बताएंTips to Stop Siblings Fight

आपने नोटिस किया होगा बच्चों की ऐसी आदत होती है कि वे भाई-बहन की छोटी-छोटी बात की शिकायत आपसे करते हैं. ऐसे में आप उसे बताएं कि वह जिसकी शिकायत कर रहा है वह तुमसे कितना प्यार करता है. हर वक्त वह तुम्हारे भले की सोचता है. तुम्हारी गलतियों को सुधारने का प्रयास करता है. इसलिए एक दूसरे की बुराई करना गलत है. तुम्हें मिलजुल कर प्यार से रहना चाहिए.

चिल्ला कर डांटना गलत

कई बार ऐसा होता है जब दो भाई-बहन लड़ते (Tips to Stop Siblings Fight) हैं. यह लड़ाई काफी लंबा चलता रहता है. अंत में इसे सुलझाने के लिए आपको बीच-बचाव करना पड़ता है. लेकिन इसके लिए आप बच्चों पर तेज-तेज चिल्लाने लगते हैं. हालांकि इस डांट-फटकार का उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता. इसलिए बेहतर है ऐसी परिस्थिति में आप दोनों बच्चों को कुछ देर के लिए एक दूसरे से दूर कर दें.

दोनों से एक दूसरे की खासियत लिखवाएंTips to Stop Siblings Fight

जब कभी आपके बच्चे बहुत ज्यादा लड़ाई-झगड़ा कर रहे हों. बार-बार मना करने के बावजूद भी अगर वे शांत नहीं हो रहे हों तो एक बेस्ट आइडिया है. दोनों बच्चों को एक दूसरे की खासियत पेपर पर लिखने बोलिए.

जब उन्हें पता चलेगा कि दूसरा उनके बारे में कितनी अच्छी सोच रखता है तो दोनों के मन में एक दूसरे के प्रति प्यार बढ़ेगा. दोनों के बीच एक दूसरे के प्रति स्नेह की भावना बढ़ेगी.

जेंडर भी है कारण

बहुत सारे परिवार में बेटे-बेटियों के बीच भेद-भाव की भावना रहती है. इसकी वजह से भी बच्चों में हीनभावना आती है. इस भावना की वजह से भी बच्चों के बीच लड़ाई (Tips to Stop Siblings Fight) होते रहते हैं. इसलिए कभी भी बच्चों के बीच भेद-भाव ना करें.

तुलना करने से बचें

जब कभी भी आप एक बच्चे की तुलना दूसरे बच्चे से करते हैं तो एक के आत्मविश्वास में कमी आती है. जबकि दूसरे का आत्मविश्वास बढ़ता है. यह मत भूलें कि हर बच्चा अलग. उनकी काबिलियत अलग है. पर जब आप अपने दो बच्चों के बीच किसी चीज को लेकर तुलना करते हैं तो दोनों बच्चों के बीच दुश्मनी पैदा होती है.

बड़े-छोटे बच्चे में अंतरTips to Stop Siblings Fight

आपके अगर दो बच्चे हैं तो इसका यह मतलब नहीं कि बड़े बच्चे को बड़ा समझें ही नहीं बल्कि उस पर जिम्मेदारियों का बोझ लाद दें. आपको ध्यान रखना होगा कि बड़ा बच्चा या छोटा बच्चा दोनो तो बच्चे ही हैं. जबकि खासकर मां की आदत होती है कि वे छोटे बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील होती हैं. जिसका बड़े बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में ही भाई-बहनों के बीच भेद-भाव आते हैं.

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ज्यादा दखल भी ठीक नहींTips to Stop Siblings Fight

बच्चों के झगड़े कई बार खतरनाक रूप ले लेते हैं. झगड़े के साथ-साथ ये मारपीट तक उतारु हो जाते हैं. ऐसे में काफी कोशिशों के बावजूद उनसे निपटना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में आपको चाहिए कि जब कभी वे इस तरह मारपीट करें तो उन्हें इसका शांति से समाधान निकालने के लिए बोलें.

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जब वे शांत हो जाएं तो उन्हें समझाएं. ज्यादातर ऐसा देखा जाता है कि जब दो बच्चे लड़ते हैं तो इसे रोकने के लिए माता-पिता भी दोनों को मारना शुरू कर देते हैं. जो ठीक नहीं है. अगर आप बच्चे को शांति से भी समझाएंगे तो वे आपकी बात जरूर मानेंगे.

बच्चों के झगड़े को ज्यादा गंभीर रूप ना दें. बल्कि उन्हें शांत मन से समझाएं. बच्चों का मन कोमल होता है. थोड़ा लड़ाई-झगड़ा तो हर बच्चे करते हैं. इस झगड़े को शांत करने के लिए अगर आप अपनी ड्यूटी निभाएंगे तो सफलता जरूर मिलेगी.

क्या आपके बच्चे भी लड़ते-लड़ते उग्र रूप धारण करते हैं? इन्हें रोकने में आपकी क्या भूमिका होती है? अगर आप भी इस समस्या को लेकर टेंशन में हैं तो इस आलेख के माध्यम से आप सहायता ले सकते हैं. अगर आपके पास इस समस्या समाधान के लिए कुछ आइडिया हो तो ‘योदादी’ के साथ कमेंट कर जरूर शेयर करें. #SiblingsFight

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