Home Experts Advice नींद में बार-बार क्यूं जागते हैं बच्चे, यहां जानिए

नींद में बार-बार क्यूं जागते हैं बच्चे, यहां जानिए

कई बार देखा जाता है कि छोटे बच्चों में नींद न आने और रातों को बार-बार उठने की समस्या रहती है. (children wake up during sleep)

स्वस्थ शरीर के लिए बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भरपूर नींद की आवश्यकता पड़ती है. बच्चों का दिमाग ठीक से विकसित नहीं होने के कारण उन्हें गहरी नींद सोने (children wake up during sleep) की ज्यादा जरूरत है. शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में भरपूर नींद की अहम भूमिका होती है. कई बार देखा जाता है कि छोटे बच्चों में भी नींद न आने और रातों को बार-बार उठने की समस्या रहती है.

children wake up during sleep

आपका बच्चा भी अगर रातों को जाग कर आपको ढ़ूंढ़ता रहता है तो इस पर ध्यान देना जरूरी है. माना जाता है कि छह महीने की उम्र के बच्चे का जागना गंभीर नहीं बल्कि सामान्य बात है लेकिन कई बार इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं.

छोटे बच्चों का रात में बार-बार जागने की परेशानी को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव यहां बताए जा रहे हैंchildren wake up during sleep

बच्चे को आरामदायक महसूस करवाएं

आपका शिशु तो अपने साथ होने वाली परेशानियों को बोल नहीं सकता. इसलिए आपको खुद ही उसकी गतिविधियों पर ध्यान देना होगा. बच्चे पर ध्यान देते रहें कि वो हमेशा सहज महसूस कर रहा है कि नहीं. छोटे बच्चे दिन भर विभिन्न तरह की गतिविधियां करते रहते हैं. कभी खेलते वक्त उन्हें चोट भी लग जाती है और वही चोट रात को सोते समय उसकी नींद में बाधा स्थापित करते हैं. जिसकी वजह से बच्चा रात को बार-बार जागता है.

पेट दर्द

कई बार देखा जाता है कि जब बच्चा दूध पीता है तो उसी वक्त उसके पेट में हवा भी चली जाती है और गैस बन जाता है. इस हवा की वजह से भी बच्चे के पेट में दर्द की शिकायत रहती है. जब पेट में दर्द होगा तो बच्चे की नींद खुलना स्वाभाविक है और बच्चा बार-बार जगता (children wake up during sleep) रहता है. इसलिए दूध पिलाने के बाद बच्चे को डकार दिलाना जरूरी है.

भोजन और डायट

बहुत सारे बच्चों में कम देर तक सोने की आदत होती है. इसका एक कारण यह भी है कि जब बच्चे को पर्याप्त भोजन नहीं मिलता है तब बच्चा देर तक नहीं होता. भूख लगने के कारण ही बच्चा बार-बार जग जाता है. इसलिए आप धीरे-धीरे ही सही बच्चे के भोजन को बढ़ाने का प्रयत्न करें. इसके बाद आपको खुद ही पता चल जाएगा कि पर्याप्त भोजन करने से बच्चे की नींद में क्या अंतर आया है.

साइलेंट रिफ्लक्स

अगर आपके बच्चे को दूध पीने के बाद लगातार हिचकी और डकार आती है तो इस की वजह साइलेंट रिफ्लक्स हो सकती है. इसके लक्षण की वजह से बच्चे को रात में ठीक से नींद नहीं आती है. इसलिए जरूरी है कि अपने बच्चे के साइलेंट रिफ्लक्स पर ध्यान देते हुए चिकित्सक से उसकी इलाज करवाएं.

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दांत निकलना

बच्चे का दांत निकलना भी उनके नींद (children wake up during sleep) को प्रभावित करता है. यानी उनकी नींद खराब कर देता है. करीब 6 महीने की उम्र में बच्चों में दांत निकलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. दांत निकलने के कारण भी बच्चा रात को बार-बार जाग जाता है.

सोने का अनिश्चित समय – children wake up during sleep

बच्चे को सुलाने का एक वक्त निर्धारित करें. क्यूंकि बच्चा अगर अनियमित तरीके से सोता है तो वही उसकी आदत बन जाती है. ऐसा करें अगर आप बच्चे को रात के वक्त समय पर सुलाना चाहते हैं तो फिर दिन में उसे सोने का आदत मत डालें. ऐसा करने पर बच्चा रात को निश्चिंत नींद सोएगा.

शोरगुल वाला माहौल

जिस घर में छोटा बच्चा हो और वहां पूरे दिन शोरगुल का माहौल रहे तो इसका असर रात को देखा जाता है. इस शोर की वजह से बच्चे को रात में नींद (children wake up during sleep) आने में कठिनाई होती है. क्यूंकि बच्चा पूरे दिन असहज महसूस करता है इसलिए रात को नींद आने में परेशानी होती है.

इंफेक्शन

कई बार पाचन संबंधी समस्याओं या फिर बुखार के कारण भी बच्चा रात को बार-बार जागता है. इसलिए आप इंफेक्शन की जांच के लिए बच्चे को डॉक्टर से दिखाएं. साथ ही खूद भी स्वच्छता के प्रति सावधानी बरतें.

ऐसे अच्छी नींद सोएंगे बच्चे – children wake up during sleep

  • बच्चे को पर्याप्त भोजन करवाएं या दूध पिलाएं. बच्चा अगर एक साथ ज्यादा नहीं खाना चाहता तो उसे थोड़ी-थोड़ी देर पर खाना खिलाएं. अपने शिशु को सुलाने के लिए पैसिफायर का इस्तेमाल करें साथ ही आप चिकित्सक से भी संपर्क कर सकते हैं.
  • अपने बच्चे को गहरी नींद सुलाने के लिए आप वाइट नॉइज का इस्तेमाल कर सकते हैं. वाइट नॉइज के साथ अगरे कमरे में पंखा भी चले तो पंखे की आवाज से भी बच्चे को गहरी नींद आती है.
  • वातावरण का भी बच्चे की नींद पर प्रभाव पड़ता है. जरूरी है बच्चे के सोने का माहौल तैयार करना यानी बच्चे को सुलाते वक्त उसके पीछे थोड़ा सा पंखे का शोर रखें और फिर परदा लगाकर वहां अंधेरा कर दे. बच्चे को सुलाते समय उसे डांटे नहीं बल्कि प्यार से बातें करें. इससे बच्चे को सोने में सहज महसूस होगा.

गहरी नींद के लिए जरूरी…

  • बच्चों के सोना का एक शेड्युल होना आवश्यक है. उसे सुलाने से पहले लोरी या कहानियां सुनाएं. लोरी सुनना हर बच्चे को पसंद आता और इसे सुनने के बार उसे गहरी नींद भी आती है.
  • आपका बच्चा अगर नींद के बीच जग जाता है तो उसे पकड़ कर मत सोएं. क्यूंकि आपके उठते ही बच्चे की नींद भी खुल जाएगी और वो जग जाएगा.
  • बच्चे का डायपर नियमित रूप से बदलने पर वह खुद को टेंशन फ्री महसूस करता है. रात को खाना खिलाने से पहले बच्चे का डायपर जरूर चेंज करें. ऐसा इसलिए करें क्यूंकि खिलाने के बाद डायपर बदलने से बच्चे को सोने में दिक्कत हो सकती है. रात को अगर बच्चा जागता है तो उसका डायपर चेक कीजिए और उसे बदल दीजिए.
  • कई बार बच्चा फ्लैट सतह पर सोने में असहज महसूस करता है. तो आप क्रिब वेड्ज का उपयोग करें. इससे बच्चे को अच्छी नींद सोने में मदद मिलेगी.

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