Home Education क्या आप एक सजग महिला हैं? जानिए अपने अधिकारों को!

क्या आप एक सजग महिला हैं? जानिए अपने अधिकारों को!

आधुनिकता के इस दौर में महिलाएं भी नई बुलंदियों को छू रही हैं. पुरुषों की तुलना में महिलाएं भी किसी से कम नहीं है. बावजूद इसके आज भी कई समाज खासकर ग्रामीण अंचलों में उनके साथ भेद-भाव की भावना व्याप्त है.

आधुनिक समाज (Modern Society) में महिलाएं भी किसी से कम नहीं है. पुरुषों की तुलना में महिलाएं भी हर क्षेत्र में आगे हैं. आधुनिकता के इस दौर में महिलाएं भी नई बुलंदियों को छू रही हैं. वह पुरुषों के सामने किसी मायने में कम नहीं हैं. इनके ऊपर जिम्मेवारियों का पहाड़ होता है. जिसका वह बखूबी निर्वहन भी करती हैं. इसलिए यह कहना अनुचित नहीं होगा कि इनका जीवन जटिल होता है. आप पहले अपने व्यक्तिगत जिंदगी का ख्याल तो रखती ही है.

अगर आप नौकरीपेशा हैं तो ऑफिस के साथ-साथ आपको घर परिवार का भी ख्याल रखना पड़ता है. जब आप मां हैं और नौकरी भी कर रही हैं तो भी आपको बच्चे व ऑफिस दोनों को बखूबी संभालना पड़ता है. इतना सारा कुछ करते-करते महिला परेशान भी होती है. इसके बावजूद वह पुरुषों की तुलना में कहीं से भी कम नहीं हैं. इसलिए हर किसी को अवसर लिंग नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए.

Womens in Indian Army
source: kikali

बता दें कि महिलाओं के सम्मान में वर्ष 1909 से प्रति वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (international women’s day) का पालन किया जाता है. इनके सम्मान के लिए किसी एक विशेष दिन का होना जरूरी नहीं है. अगर सच में महिलाओं को सम्मान देना है तो उसे हर दिन सम्मान मिलनी चाहिए. सिर्फ इंडिया ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में महिलाओं पर आपराधिक गतिविधियां होती हैं. थाने में रोजाना घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न जैसे कई मामले दर्ज होते हैं. इनके साथ कई जघन्य अपराध को अंजाम दिया जाता है. कई बार तो समाज के भय से बहुत सारे मामले को दबा दिया जाता है.

आइये आपके साथ नारी शक्ति से संबंधित कुछ विचार साझा करते हैं:

> घर से हो शुरुआत

महिलाओं को सम्मान देने की शुरुआत घर से होनी चाहिए. लड़कों को घर वालों की तरफ से पूरी आजादी रहती है. लेकिन लड़कियों को उतनी नहीं दी जाती. उन्हें कुछ भी करने से पहले समझाया जाता है. इनके लिए तरह-तरह के नियम कानून बनाए जाते हैं. बेटों को भी अगर से घर से बेटियों की तरह ही समझाया जाए, तो समाज में महिलाओं पर होने वाले अपराध के मामले को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

कई परिवारों में महिलाओं को प्रताड़ित होना पड़ता है. आधुनिक समाज (Modern Society) में भी लड़कियों की खुद की इच्छाएं, उसकी आजादी किसी के लिए कोई मायने नहीं रखती. जिस समाज में महिलाओं की इज्जत नहीं होती वहां की महिलाएं कमजोर भी नहीं होती. उन्हें छोटी-छोटी खुशियों में भी खुश रहने की आदत हो जाती है. सब्र और सहनशक्ति की बात की जाए तो महिलाएं सबसे आगे हैं. इनके हौसले को तोड़ना नामुमकिन है. इसलिए महिलाओं को कमजोर समझने की गलती बिल्कुल ना करें.

Empowered Women
source: hindikiduniya

> नारी को कमजोर समझना गलत

आज भी यह सुनने को मिलता है कि महिलाएं पुरुषों से कमजोर होती है. क्योंकि महिलाएं पुरुषों द्वारा किये जाने वाले तमाम कार्य नहीं कर पाती. लेकिन ऐसा किसी ने नहीं सोचा कि बहुत सारे काम ऐसे हैं जो सिर्फ महिलाएं ही करती हैं. वह काम पुरुष नहीं कर पाते. सच्चाई तो यही है कि प्रकृति ने ही महिला व पुरुष को अलग-अलग बनाया है. इसलिए उनकी क्षमताएं अलग-अलग है. लेकिन इस आधार पर अगर कोई महिला व पुरुष में भेदभाव करता हैं तो वह गलत है. इन दोनों की भूमिकाएं समाज द्वारा ही तय किए गए आधार पर होती है. पह इसमें हमेशा परिवर्तन होता रहता है. यह कभी भी स्थाई नहीं होता. समय व परिस्थितियां जैसे-जैसे बदलती है उनमें भी परिवर्तन होना जरूरी है.

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एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक ही व्यक्ति शिक्षित होगा. एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा. – महात्मा गांधी Click To Tweet

> ग्रामीण अंचलों में सोच परिवर्तन जरूरी

शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सोच में आज भी काफी अंतर देखा जाता है. आधुनिक समाज (Modern Society) में शहरी लोगों की विचारधाराएं परिवर्तित हो रही है. शहरों में नई विचारधाराओं का विकास हो रहा है. लेकिन ग्रामीण अंचलों में परिस्थितियां इसके विपरीत है. यहां आज भी महिलाओं को कमतर आंका जाता है. महिलाओं पर अभी तक कई तरह की बंदिशें हैं. घर से लेकर दफ्तर तक उनके लिए कई तरह की पाबंदियां रहती है.

घर पर उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है. यहां महिलाओं के हालात खराब होने की वजह से ही गरीबी, स्वास्थ्य, अनियंत्रित जनसंख्या, पिछड़ापन आदि कई तरह की समस्याएं आज भी हैं. हर जगह तो नहीं पर धीरे-धीरे गांव स्तर पर भी स्थितियों में परिवर्तन हो रहा है. लोगों की मानसिकता बदल रही है. पर इस मामले में शहरों की अपेक्षा गांव अभी भी काफी पीछे है.

गांव में आज भी महिलाओं को बाल श्रमिकों के रूप में देखा जा रहा है. उन्हें कई मौलिक अधिकारों से वंचित रखा जाता है. जैसे शिक्षा, विकास और समानता आदि. यह ध्यान देने वाली बात है कि किसी भी देश की प्रगति में महिला-पुरुष के बीच समानता का रहना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. पुराने जमाने में रूढ़िवादिता ने ही समाज में भेद-भाव उत्पन्न किया था.

womens day

> पश्चिमी देश से लें समानता का सबक

वेस्टर्न संस्कृति लोगों को काफी लुभा रही है. तो यह भी ध्यान रखें की पश्चिमी देशों ने हर क्षेत्र में किस तरह विकास किया है. उनकी शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था व आईटी के क्षेत्र में काफी उन्नत हैं. वहां महिला व पुरुष में कही कोई असमानता नहीं है. वहां पुरुष हो या महिला सभी को समान अवसर प्राप्त है. दोनों को समान दर्जा दिया जाता है. आधुनिक समाज (Modern Society) में पुरुष के साथ महिलाएं भी वहां कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं. महिलाएं देश के विकास में अपना योगदान दे रही हैं.

समाज में महिलाओं की हो समान भागीदारी

दुनिया में रोजाना परिवर्तन हो रहे हैं. वैश्विक स्तर पर उन्नति के लिए हमे बेहतर प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है. इसलिए पुराने जमाने की तुलना में समाज में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण स्थान रखती है. सबसे पहले तो पुरुष के साथ-साथ महिलाओं के लिए शिक्षा व्यवस्था में प्रगति जरूरी है. शिक्षित लोगों से समाज से ही सुव्यवस्थित समाज का गठन होता है. और समाज सिर्फ पुरुषों से तो नहीं बनता. इसमें महिलाएं भी शामिल होती हैं.

आधुनिक समाज (Modern Society) में महिलाओं की पारिवारिक और सामाजिक स्थिति में सुधार सबसे पहले जरूरी है. संवैधानिक और सार्वजनिक जीवन में भेदभाव खत्म कर नारी सशक्तिककरण को बढ़ावा मिलनी चाहिए. महिलाओं के लिए आर्थिक संकट का असर ज्यादा प्रभावशाली होता है. सामाजिक सुरक्षा समेत अन्य परेशानियों से बचने के लिए इन्हें पूर्ण शिक्षित होना सबसे जरूरी विषय है. महिलाओं के साथ जारी असमानता का पूरे समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

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प्रकृति ने सिर्फ महिला व पुरुष बनाया है. लेकिन कई समाजों में आज भी महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त नहीं है. यह जानना महत्वपूर्ण है कि किसी देश या समाज की प्रगति में पुरुष के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी भी अहम स्थान रखती है. इसलिए समाज से महिला-पुरुष के बीच के भेद-भाव को खत्म करना जरूरी है.

जरूर देखें –Motivational Video for Women

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