Home Health Care World No Smoking Day: ऐसे मौत का पैगाम देता है तंबाकू!

World No Smoking Day: ऐसे मौत का पैगाम देता है तंबाकू!

नशीले पदार्थों का सेवन करना खतरों से खाली नहीं. यह आपकी जिंदगी में कभीा भी अंधेरा लेकर आ सकती है.

स्वास्थ्य धन ही सबसे कीमती है. जिंदगी का आनंद लेने के लिए इंसान का शारीरिक व मानसिक दोनों रूपों से स्वस्थ रहना जरूरी है. स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ्य मस्तिष्क का निवास होता है. इसलिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है. हमारी पहली ड्यूटी है कि हम अपने शरीर को स्वस्थ रखें.

No Smoking
World No Smoking Day । source: navodayatimes

उत्तम स्वास्थ्य वह अनमोल रत्न है जिसका मूल्य उसके खोने के बाद पता चलता है. इसलिए स्वास्थ्य की महत्ता को समझते हुए हमें स्वयं ही इसके प्रति जागरूक रहने की जरूरत है. मानव जीवन प्रकृति का अनमोल उपहार है. इस अनमोल जीवन को तंबाकू जैसी जानलेवा चीजों का सेवन कर बर्बाद ना होने दें.

विश्व तंबाकू निरोधी दिवस (World No Smoking Day) के अवसर पर लोगों की सबसे बुरी आदत का जिक्र करना आवश्यक हो जाता है. तंबाकू की लत (Tobacco consumption) तो मानों हर घर में है. लगभग हर जगह आपको इसका सेवन करने वाले लोग मिल जाएंगे. तंबाकू घातक बीमारियों की जड़ है. इसका सेवन करना जानलेवा साबित हो सकता है.

तेजी से बढ़ रहा धूम्रपान का प्रचलन

आजकल को नशीले पदार्थों का सेवन (Tobacco consumption) करने का प्रचलन काफी बढ़ा है. दिन-प्रतिदिन इसमें वृद्धि ही दर्ज की जा रही है. नशा तो नशा, ज्यादातर इसका व्यवहार फैशन के तौर पर भी किया जा रहा है. पर क्या आप जानते हैं कि थोड़ी देर के लिए मजा देने वाला यह पदार्थ आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

गत कई वर्षों में भारत ही नहीं पूरे विश्व में धूम्रपान करने वाले (Tobacco consumption) व इसके पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है. धूम्रपान से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई संस्थाओं की तरफ से कदम उठाए जाते हैं.

तंबाकू का वास्तविक चेहरा बीमारी, मौत और डर है – ना कि चमक और कृत्रिमता जो कि तंबाकू उद्योग की नशीली दवाएं बेचने वाले लोग हमें दिखाने की कोशिश करते हैं.

धूम्रपान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से एक प्रस्ताव रखा गया था. उसके बाद से ही प्रति वर्ष 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाने का फैसला लिया गया है. तभी से प्रति वर्ष इस दिवस को धम्रपान दिवस के रूप में मनाया जाता है.

डब्ल्यूएचओ की पहल (WHO Initiatives):

लोगों को तंबाकू से दूर रहने की नसीहत देने के लिए प्रति वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निरोधी दिवस का पालन किया जाता है. ताकि लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति सतर्क किया जा सके. आंकड़ों की मानें तो देशभर में हर वर्ष व अन्य धूम्रपान उत्पादो का सेवन करने से 2739 लोगों की मौत होती है. वहां पूरे विश्व में इसका आंकड़ा करीब 50 लाख है.

girls smoking
World No Smoking Day । source: lifeberrys

विश्व स्तर पर लोगों को तंबाकू मुक्त कर स्वस्थ बनाने के प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से विभिन्न तरह के कार्यक्रम किये जाते हैं. डब्ल्यूएचओ की तरफ से वर्ष 1987 से ही विश्व तंबाकू निषेध दिवस का पालन किया जा रहा है. विश्व में कार्डियो-वेस्कुलर से होने वाली मौत की रोकथाम के लिए तंबाकू पर रोक सबसे कारगर उपाय है. धूम्रपान से हृदय रोग का खतरा बढ़ता है.

आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 42.4 फीसदी पुरुष, 14.2 फीसदी महिलाएं और सभी व्यस्कों में 28.8 फीसदी धूम्रपान करते हैं. या फिर धूआं रहित तंबाकू का भी सेवन करते हैं. ‘दुनिया में कार्डियो-वेस्कुलर से होने वाली मौत और अक्षमता की रोकथाम के लिए तंबाकू पर रोक सबसे कारगर है. धूम्रपान से हृदय रोग का खतरा बढ़ता है साथ ही तंबाकू का धुआं रहित रूप भी समान रूप से हानिकारक है.

कई रोगों का कारण (The cause of many Diseases):

तंबाकू का सेवन (Tobacco consumption) करने वालों को स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों को होने से कोई नहीं बचा सकता. शरीर पर इसका दुष्प्रभाव पड़ना हीं है. धुआं रहित तंबाकू का सेवन करने वालों में दिल की बीमारी की संभावनाएं ज्यादा रहती है. कार्डियो वेस्कुलर बीमारियों में 10 फीसद बीमारियों का कारण तंबाकू का सेवन पाया जाता है.

विश्व तंबाकू निषेध दिवस का पालन वर्ष 1987 से किया जा रहा है. इसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से किया गया था. इस दिवस को पालन करने का डब्ल्यूएचओ का मुख्य उद्देश्य तंबाकू से होने वाली मौत के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करना था.

तंबाकू संबंधी तथ्य (Tobacco Facts):

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार विश्व के करीब 125 देशों में तंबाकू का उत्पादन किया जाता है.

इंडिया में 10 अरब सिगरेट का उत्पादन होता है.

वहीं पूरे विश्व में प्रति वर्ष करीब 5.5 खरब सिगरेट का उत्पादन होता है जबकि इसका सेवन(Tobacco consumption) करने वालों की संख्या एक अरब से ज्यादा है.

दुनिया में 80 फीसद पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं.

smoking is a death cause
World No Smoking Day । source: livehindustan

रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व में धूम्रपान करने वालों में से करीब 10 फीसदी भारत में हैं. इंडिया में लगभग 25 हजार लोग गुटखा, बीडी, सिगरेट व हुक्का के माध्यम से तंबाकू का सेवन करते हैं.

तंबाकू निर्यात में ब्राजील, अमेरिका, चीन मलावी और इटली के बाद छठे स्थान पर भारत है.

वैश्विक स्तर पर देखें तो तंबाकू से मरने वालों की संख्या भारत में काफी तेजी से बढ़ रही है.

90 फीसद से अधिक फेफड़े के कैंसर व ब्रेन हेमरेज का कारण धूम्रपान है.

खतरनाक बीमारियों का कारण (The cause of Dangerous Diseases):

सिगरेट व तंबाकू का सेवन करने से मुंह, मेरूदंड, गला और मूत्राशय के कैंसर की संभावना रहती है.

धूम्रपान अगर लंबे समय तक किया जाता है तो मुंह, गर्भाशय, गुर्दे और पाचक ग्रन्थि में कैंसर की संभावना अधिक होती है.

इसके धुएं का सामना मस्तिष्क और हृदय की बीमारियों का कारण बनती है.

इसके धुएं में मौजूद निकोटीन, कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसे पदार्थ हृदय, धमनियों व ग्रन्थियों संबंधी रोगों का कारण है.

दांत में कीड़े लगना, दांतों की सड़न, अल्सर, दांत में दाग व सांसों से बदबू आना आदि समस्याएं तंबाकू सेवन से उत्पन्न हो सकती है.

इसका सेवन करने वाले व्यक्ति की जीभ का स्वाद सही नहीं रहता. यानी इंसान को भोजन का सही स्वाद पता नहीं चलता.

तंबाकू का सेवन करने पर चक्कर आना व थकान महसूस होना आम समस्या है.

मौखिक कैंसर का एक प्रमुख कारण तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी हो सकता है.

फेफड़े की बीमारी, हृदय रोग, स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण भी तंबाकू का सेवन हो सकता है.

यह ल्यूकोप्लाकिया का भी कारण हो सकती है. जो कि आगे चलकर कैंसर का रूप धारण कर लेती है.

quit smoking
World No Smoking Day । source: livehindustan 

तंबाकू की उत्पत्ति

यह निकोटियाना पौधों की ताजा पत्तियों की उपज होती है.

इसकी उत्पत्ति अमेरिका में हुई थी. पर पुर्तगाल में 1559 में जीन निकोट ने इसकी जानकारी दी थी.

जिसके बाद इसने बहुत ही जल्द व्यापार के लिए लोकप्रिय फसल का रूप धारण कर लिया.

कुछ चिकित्सा शोध ने वर्ष 1900 में स्पष्ट किया कि तंबाकू सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती है.

व्यक्ति इसका सेवन कई माध्यमों से करता है. जैसे सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू स्नफ, सिगार, गुटखा आदि के रूप में.

मानव जीवन अनमोल है. इसे यूं ही व्यर्थ के कार्यों में गंवाना मूर्खता है. आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक चीजों से दूरी बनाए रखन में भी आपकी बुद्धिमानी है. मेरे इस आलेख को पढ़कर इस पर अमल करें व आपके संपर्क में आने वाले लोगों को भी ऐसी चीजों का सेवन नहीं करने की सलाह दें. साथ ही इससे संबंधी विचारों को ‘योदादी’ के साथ कमेंट कर जरूर शेयर करें. #WorldNoSmokingDay

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here