Home Education तो ऐसे पढ़ाई से दोस्ती करेंगे आपके बच्चे!

तो ऐसे पढ़ाई से दोस्ती करेंगे आपके बच्चे!

अगर आपके बच्चे का भी मन पढ़ाई में नहीं लगता तो यहां बताए गए उपायों को अपनाकर बच्चे में पढ़ाई की अच्छी आदतों को विकसित किया जा सकता है. Good Habits in Child

बच्चे में पढ़ाई की अच्छी आदतों (Good Habits in Child) का होना उतना ही जरूरी है जितना बेहतर स्वास्थ्य के लिए समय पर भोजन करना. जिस तरह समय पर भोजन नहीं करने से इंसान बीमार हो जाता है उसी तरह अगर नकी पढ़ाई पर शुरू से ध्यान नहीं दिया जाता तो बच्चे की पढ़ाई पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है.

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माता-पिता तो बच्चे की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. लेकिन हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में बेहतर हो. बच्चा पढ़ने में तभी अच्छा होगा (Good Habits in Child) जब आप शुरू के दिनों से ही उसकी पढ़ाई को लेकर सतर्क रहेंगे. घर से लेकर स्कूल तक बच्चे की विभिन्न गतिविधियों की निगरानी रखनी पड़ती है.

बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं वैसे पढ़ाई के प्रति उनकी रूचि कम होने लगती है और वे मौज-मस्ती व शैतानी में अधिक रूचि लेना शुरू कर देते हैं. बच्चों की ऐसी हरकत माता-पिता के लिए चिंता का कारण होता है.

शिक्षा ही बनाता सफल इंसान –

वैसे तो आप बच्चे को जरूर समझाते होंगे कि सफल इंसान बनने के लिए पढ़ाई बहुत जरूरी है. शिक्षा के बिना जिंदगी में कुछ भी नहीं है और इसके बिना जिंदगी अधूरी है. शिक्षा ही तुम्हें एक सभ्य इंसान बनाती है.

जब आप उसे समझा रहे होते हैं तब तो वह ध्यान से आपकी बातों को सुनता है लेकिन कुछ ही देर बात उसकी मनमानी फिर से शुरू हो जाती है. आपका फर्ज बनता है कि पहले आप बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगने का कारण पता करें. जैसे बच्चा पढ़ाई से क्यों भाग रहा है, उसका मन पढ़ाई में क्यों नहीं लग रहा आदि.

अगर वह समयानुसार अपनी पढ़ाई पूरी भी करता है लेकिन उसका रिजल्ट बेहतर क्यों नहीं आता यह भी जानना जरूरी है. हालांकि इसके पीछे कई वजह हो सकती है. अगर इन तमाम समस्याओं के कारण का पता चल जाता है तो उसका निवारण भी अवश्य होता है.

इस ब्लॉग के माध्यम से हम बच्चों में पढ़ाई की अच्छी आदतों को विकसित करने के तरीकों की जानकारी देंगे, जो कि आपके लिए बहुत ही लाभदायक होगा-

पहले तो पढ़ाई में मन नहीं लगने के कारण को जानें –

1. पढ़ाई का उचित माहौल नहीं होना भी बच्चे की पढ़ाई में घटती रूचि का प्रमुख कारणों में शामिल है.

2. बहुत सारे बच्चों की आदत होती है कि वे सिर्फ परीक्षा के दौरान ही पढ़ाई करते हैं. रेग्युलर पढ़ाई नहीं करना भी बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगने का कारण है. इसलिए उनकी पढ़ाई रेग्युलर होना जरूरी है.

3. पढ़ाई के लिए सही वातावरण (Good Habits in Child) का होना भी है जरूरी. नहीं तो इसके अभाव में भी बच्चे का पढ़ाई से मन उब जाता है.

4. पढ़ने के दौरान घर में टीवी का चलते रहना. ऐसे में बच्चे का ध्यान टीवी पर चला जाता है और उन्हें अपना पाठ सही से याद नहीं रहता.

5. बार-बार पढ़ते वक्त किसी अन्य काम की ओर बच्चे का ध्यान आकर्षित करना.

6. बच्चे को ज्यादा देर तक पढ़ने के लिए ना बैठाएं. एक लगातार पढ़ाई करने से भी वे मानसिक रूप से थक जाते हैं और ऐसे में वे अपनी पढ़ाई अच्छे से पूरी नहीं कर पाते.

7. उचित मार्गदर्शन की कमी भी है इसका कारण.

ये भी है जरूरी –

8. एकाग्रता की कमी के कारण लक्ष्य पर फोकस नहीं होना.

9. आत्मविश्वास व दृढ़ निश्चय की कमी.

10. क्रिकेट, टीवी, इंटरनेट, गेम आदि पर अधिक से अधिक समय बिताना. इन सभी चीजों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने पर यह पढ़ाई में बाधक साबित होता है. आजकल के बच्चे वैसे भी सबसे ज्यादा मोबाइल फोन पर ही लगे रहे हैं, चाहे वो गेम के लिए हो या फिर सोशल मीडिया के लिए. जिसका खामियाजा भी उन्हें झेलना पड़ता है.

11. पढ़ने के लिए उपयुक्त सामग्री की कमी.

12. पढ़ाई के दबाव से मन का हमेशा विचलित रहना.

ये भी हैं कुछ कारण- Good Habits in Child

इन सबके अलावा भी पढ़ाई में मन नहीं लगने के कई और कारण हो सकते हैं. जिसमें सबसे अहम है मार्गदर्शन की कमी. क्योंकि अच्छी पढ़ाई के लिए सही मार्गदर्शन का होना बहुत जरूरी है. मार्गदर्श बच्चे को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करता है.

अगर मार्गदर्शन सही हो तो कम मेहनत में बच्चे को बेहतर परिणाम मिलता है. लेकिन मार्गदर्शन अगर सही ना हो तो कठिन मेहनत करने के बाद भी बच्चे को उचित परिणाम नहीं मिलता है. बच्चे स्वभाव से चंचल होते हैं और उनका ध्यान खेल-कूद की तरफ जाना स्वाभाविक है. यह आपकी जिम्मेदारी है कि बच्चे की पढ़ाई के साथ खेल का बेहतर तालमेल कैसे बैठाएंगे.

पढ़ाई में बच्चे की ऐसे करें मदद –

1. सबसे पहले तो बच्चे की सही पढ़ाई के लिए रूटीन तैयार करना व उसका सख्ती से पालन भी करना जरूरी होता है.

2. टीवी देखते-देखते कभी भी बच्चे को पढ़ने की अनुमति मत दें. इससे उनका पूरा ध्यान टीवी पर ही रहता है ऐर ना ही पढ़ने के दौरान बच्चे के सामने ही टीवी खोलकर बैठ जाएं. बल्कि जब आपका बच्चा पढ़ाई कर रहा हो तो उस वक्त आप अपना दूसरा कुछ काम कर लीजिए.

3. जब बच्चे घर में पढ़ाई कर रहे हों तो अपने मोबाइल फोन को साइलेंट मोड में रखें. उस दौरान अगर किसी का कॉल आए तो पढ़ाई कर रहे बच्चे के सामने बात ना करके उस कमरे से बाहर जाकर बात करें.

4. अभी की पढ़ाई में कंप्यूटर का महत्वपूर्ण योगदान है. बच्चे को अपना होमवर्क करने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है लेकिन इसमें आपकी भी एक ड्यूटी बनती है कि जब बच्चा कम्प्यूटर से पढ़ाई (Good Habits in Child) कर रहा हो तो ध्यान रखें कि वह अपने जरूरत का ही काम करें ना कि सोशल मीडिया पर व्यस्त रहे.

प्लान व लक्ष्य तैयार करें – Good Habits in Child

5. पढ़ाई के लिए बच्चा का साप्ताहिक व मासिक प्लान तैयार करें. इसे घर में ऐसी जगह चिपकाएं जहां बच्चे की नजर हर वक्त जाती हो.

6. बच्चों के अध्ययन के लिए एक लक्ष्य (Good Habits in Child) बनाएं. यह लक्ष्य स्कूल के शुरुआत में ही बनाना चाहिए. इन लक्ष्यों पर बच्चा कितना अमल कर रहा है या प्रगति किस तरह की है. समय-समय पर इसकी भी खोजबीन लेते रहें.

7. आप बच्चे को ग्रेड की बजाय पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने को प्रेरित करें. ग्रेड को सेकेंडरी में रखें.

8. शुरू के दिनों से ही बच्चे की दिनचर्या को व्यवस्थित बनाए रखें. ताकि वे अपना सारा काम समय पर करें. इस तरह बच्चा समय की कद्र करना सीखता है. माता-पिता कभी ये मत भूलें कि बच्चे के प्रथम शिक्षक आप ही हैं.

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माहौल का भी पड़ता है प्रभाव – Good Habits in Child

9. अपने घर का माहौल हमेशा सकारात्मक रखें. यानी बच्चे के दिमाग में किसी तरह की टेंशन मत दें. देखेंगे कि बच्चा जब टेंशन फ्री रहता है तो उसका बच्चे के दिल व दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

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10. बच्चे के खाने पीने का पूरा ध्यान रखते हुए पढ़ाई के कमरे को साफ व रोशनीदार रखें.

11. बच्चे में सुबह जल्दी उठकर पढ़ने की आदत जरूर डालें. क्योंकि इस वक्त का शांत माहौल इनकी पढ़ाई के लिए सबसे उत्तम होता है.

12. याददाश्त मजबूत करने के लिए उसे सुबह दूध के साथ भीगे हुए बादाम खिलाएं. इन सबके अलावा दूध, सूप, जूस व हरी सब्जियों को भी आहार में शामिल करें.

13. आप माता-पिता नहीं बल्कि एक दोस्त की तरह उनके साथ पेश आएं ताकि वह अपनी समस्या आपके साथ साझा कर सके.

14. अगर बच्चे की पढ़ाई में आपकी जरूरत लगे तो विलंब किये बगैर उसकी सहायता में जुट जाएं. इससे बच्चे का मनोबल बढ़ता है. बच्चे को यह विश्वास जताएं कि आप हर वक्त उसकी मदद को तैयार हैं.

ये भी जरूरी-

15. पढ़ाई करने वाले कमरे में खिड़की जरूर हो. ताकि उससे हवा व रोशनी का आदान-प्रदान होता रहे. सूर्य की रोशनी से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. इस कमरे का रंग हल्का हो. साथ ही कमरे में सर्टिफिकेट व ट्रॉफी सजाएं जिससे बच्चे को प्रोत्साहन मिले.

16. आपका बच्चा अगर पढ़ाई में कमजोर हो तो फिर आप काउंसलर की सलाह लें.

आजकल के माता-पिता की एक समान परेशानी है कि वो यह कि उनका बच्चा पढ़ता नहीं है. लेकिन आप अगर चाहें तो बच्चे की पढ़ाई के प्रति नीरसता को सरसता में बदल सकते हैं. उसके लिए उपर बताए गए उपायों को फॉलो करें, मदद मिलेगी. #GoodHabits

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